मधेपुरा में स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार पड़ी धीमी, 3.65 लाख के लक्ष्य में अब तक सिर्फ 1.34 लाख मीटर लगे
मधेपुरा में लगाए गए स्मार्ट मीटर | Prabhat Khabar Network
Madhepura News: मधेपुरा जिले में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की योजना उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है. 3.65 लाख मीटर लगाने के लक्ष्य में से अब तक केवल 1.34 लाख ही लगाए गए हैं, जिससे विभाग चिंतित है. जानिए क्या हैं इसके फायदे और देरी के कारण.
Madhepura News: मधेपुरा जिले में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की योजना की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है. बिजली विभाग ने मधेपुरा और उदाकिशुनगंज विद्युत प्रमंडल में कुल 3.65 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन 4 जुलाई 2026 तक केवल 1,34,112 मीटर ही लगाए जा सके हैं. आंकड़ों के अनुसार पिछले करीब तीन सप्ताह में दोनों प्रमंडलों में मिलाकर महज 216 नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं.
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3.65 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का है लक्ष्य
एनसीसी (प्रा.) लिमिटेड और ईडीएफ की ओर से संचालित इस परियोजना के तहत जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग, रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी और बेहतर बिजली प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना है. साथ ही विभाग राजस्व संग्रह को भी अधिक प्रभावी बनाना चाहता है.
मधेपुरा प्रमंडल में तीन सप्ताह में लगे सिर्फ 104 नए मीटर
मधेपुरा विद्युत प्रमंडल में कुल 2.30 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 4 जुलाई तक ग्रामीण क्षेत्रों में 40,115 और शहरी क्षेत्रों में 12,855 समेत कुल 52,970 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि 12 जून तक यह संख्या 52,866 थी. यानी लगभग तीन सप्ताह में केवल 104 नए स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके.
उदाकिशुनगंज में भी नहीं बढ़ी रफ्तार
उदाकिशुनगंज विद्युत प्रमंडल में 1.35 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है. यहां 4 जुलाई तक कुल 81,142 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. जबकि 12 जून तक यह संख्या 81,030 थी. यानी इस अवधि में यहां भी सिर्फ 112 नए मीटर लगाए गए.
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Madhepura News: अभी ढाई लाख से अधिक मीटर लगाने बाकी
दोनों विद्युत प्रमंडलों को मिलाकर अब तक 1,34,112 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. जबकि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अभी करीब 2.31 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जाना बाकी है. ऐसे में अभियान की मौजूदा गति लक्ष्य हासिल करने के लिए चुनौती बनती दिख रही है.
स्मार्ट मीटर से क्या होंगे फायदे?
बिजली विभाग के अनुसार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली खपत की जानकारी मिलेगी. बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बिजली चोरी व बकाया वसूली पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी. विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी दोनों को लाभ होगा.
प्रमुख आंकड़े कुल लक्ष्य : 3.65 लाख स्मार्ट मीटर मधेपुरा विद्युत प्रमंडल का लक्ष्य : 2.30 लाख मधेपुरा में अब तक लगाए गए मीटर : 52,970 उदाकिशुनगंज विद्युत प्रमंडल का लक्ष्य : 1.35 लाख उदाकिशुनगंज में अब तक लगाए गए मीटर : 81,142 दोनों प्रमंडलों में कुल स्थापित स्मार्ट मीटर : 1,34,112
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