मधेपुरा के उदाकिशुनगंज अस्पताल में डायलिसिस सेवा बहाल, पहले दिन मरीज का हुआ इलाज

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अनुमंडलीय अस्पताल हरैली में डायलिसिस सेवा का शुभारंभ करते अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीपी राजन एवं मौजूद अन्य | Prabhat Khabar Network

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उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के किडनी रोगियों के लिए एक अच्छी खबर है. अनुमंडलीय अस्पताल हरैली में लंबे समय से बंद पड़ी डायलिसिस सेवा फिर से शुरू कर दी गई है. इस सेवा के बहाल होने से मरीजों को अब इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.

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Udakishanganj Dialysis Service: उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए राहत की खबर है. अनुमंडलीय अस्पताल हरैली में लंबे समय से बंद पड़ी डायलिसिस सेवा दोबारा शुरू कर दी गई है. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीपी राजन ने डायलिसिस सेवा का शुभारंभ किया. सेवा बहाल होने के बाद अब क्षेत्र के मरीजों को डायलिसिस के लिए मधेपुरा या सहरसा जाने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.

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लंबे समय से बंद थी सेवा, तकनीकी कारणों से आ रही थी परेशानी

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डायलिसिस सेवा के नियमित संचालन में तकनीकी कारणों से परेशानी आ रही थी. इस वजह से सेवा लंबे समय से बंद थी. वहीं, रोगी कल्याण समिति की बैठकों में डायलिसिस सेवा को दोबारा शुरू करने का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा था. मरीजों की जरूरत को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इसे प्राथमिकता दी और आवश्यक व्यवस्था पूरी करने के बाद सेवा बहाल कर दी.

सेवा शुरू होने के पहले दिन आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड संख्या एक निवासी मरीज बिजली झा का डायलिसिस किया गया. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित व्यवस्था के तहत मरीजों को नियमित रूप से डायलिसिस की सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा.

मधेपुरा और सहरसा जाने की परेशानी होगी कम

डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों के लिए समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है. ऐसे मरीजों और उनके परिजनों को डायलिसिस के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता था. इससे इलाज के खर्च के साथ आने-जाने और मरीज को ले जाने की अतिरिक्त परेशानी भी होती थी.

अब अनुमंडलीय अस्पताल में ही सेवा उपलब्ध होने से उदाकिशुनगंज और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

निजी अस्पताल में एक डायलिसिस पर 1200 से 1500 रुपये तक खर्च

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीपी राजन ने बताया कि अनुमंडल क्षेत्र में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बताया जाता है कि निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस कराने में करीब 1200 से 1500 रुपये तक खर्च आता है. जिन मरीजों को नियमित अंतराल पर डायलिसिस की जरूरत होती है, उनके परिवार पर यह खर्च लंबे समय तक आर्थिक बोझ बन सकता है.

ऐसे में सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सेवा उपलब्ध होने से जरूरतमंद मरीजों को इलाज के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही दूसरे शहरों तक आने-जाने में होने वाला अतिरिक्त खर्च और समय भी बच सकता है.

Udakishanganj Dialysis Service: प्रशिक्षित तकनीशियन और चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति

डॉ. पीपी राजन के अनुसार डायलिसिस सेवा के संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन और चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की गई है. मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रोस्टर भी जारी किया गया है. अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को निर्धारित समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सके.

डायलिसिस सेवा दोबारा शुरू होने की जानकारी के बाद क्षेत्र के लोगों में भी खुशी है. स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया. उनका कहना है कि अनुमंडलीय अस्पताल में डायलिसिस जैसी सुविधा उपलब्ध होना गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण है. इससे उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

डायलिसिस सेवा के शुभारंभ के अवसर पर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष प्रदीप मंडल, उपाध्यक्ष हरिलाल मंडल, विधायक प्रतिनिधि देवनारायण राम, पूर्व मुखिया उपेंद्र मेहता, अरविंद सिंह, प्रमिला देवी, मंजू देवी, अजय कुमार, योगेंद्र राम, अमित कुमार और दीनदयाल शर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

अनुमंडलीय अस्पताल हरैली में डायलिसिस सेवा का शुभारंभ करते अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीपी राजन एवं मौजूद अन्य | Prabhat Khabar Network
अनुमंडलीय अस्पताल हरैली में डायलिसिस सेवा का शुभारंभ करते अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीपी राजन एवं मौजूद अन्य | Prabhat Khabar Network

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