ePaper

जनशिकायत करने आये लोगों का रखें ध्यान, सुविधाओं में नहीं हो कमी - आयुक्त

Updated at : 20 Jan 2026 10:09 PM (IST)
विज्ञापन
जनशिकायत करने आये लोगों का रखें ध्यान, सुविधाओं में नहीं हो कमी - आयुक्त

जनशिकायत करने आये लोगों का रखें ध्यान, सुविधाओं में नहीं हो कमी - आयुक्त

विज्ञापन

मधेपुरा. कोसी प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर मंगलवार को मधेपुरा पहुंचे. आयुक्त ने कई कार्यालयों का निरीक्षण किया. साथ ही जन शिकायत की सुनवाई की.

आयुक्त ने सदर एसडीएम व डीसीएलआर कार्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान आयुक्त ने अभिलेखों के रखरखाव और कार्यशैली को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया.

आयुक्त ने 1850 में निर्मित ट्रेजरी भवन को संरक्षित करने का निर्देश दिया. जन शिकायत तथा विभिन्न मामले को लेकर अनुमंडल व डीसीएलआर कार्यालय आने वाले लोगों के बैठने के लिए स्थान चिह्नित करते हुये बेहतर व्यवस्था करने कहा. इसके अलावा एक भवन भी बनाने के लिए निर्देशित किया. आयुक्त ने परिसर में बने शौचालय के स्थान पर आपत्ति करते हुये उसे शिफ्ट करने का आदेश दिया. अनुमंडल भवन की स्थिति को देखते हुये उन्होंने तत्काल बेहतर भवन बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया. आयुक्त ने कार्यालय की विभिन्न पंजियों की जांच की और पाया कि कुछ दस्तावेजों का अद्यतीकरण समय पर नहीं किया गया है. इसको लेकर नाराजगी जाहिर की.ससमय हो भूमि विवादों का निपटारा

आयुक्त ने भूमि विवाद से जुड़े लंबित मामलों पर ध्यान दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को लंबे समय तक लंबित न रखा जाय और नियमानुसार उनका जल्द से जल्द निपटारा करें. कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की कमी को देखते हुए उन्होंने व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी. साथ ही कर्मियों को समय पर कार्यालय आने और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया. आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि कार्यालय आने वाले फरियादियों के साथ शिष्टाचार से पेश आएं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें.अधिकारियों को दी चेतावनी

निरीक्षण के बाद आयुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने लंबित राजस्व वादों की सूची मांगी है और अगले कुछ हफ्तों में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. मौके पर सदर एसडीएम संतोष कुमार, सदर डीसीएलआर अनंत कुमार आदि मौजूद थे.

उपेक्षा का शिकार मधेपुरा की ऐतिहासिक धरोहर, ब्रिटिश काल के ट्रेजरी भवन को संरक्षण की दरकार

मधेपुरा.

आधुनिकता की दौड़ में जिला अपनी एक अनमोल ऐतिहासिक पहचान खोता जा रहा है. मधेपुरा अनुमंडल परिसर में स्थित ब्रिटिश शासन काल का बना ट्रेजरी भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. यह भवन न केवल स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है, बल्कि मधेपुरा के गौरवशाली प्रशासनिक इतिहास का जीवित गवाह भी है. कोसी प्रमंडलीय आयुक्त के निरीक्षण के बाद यह उम्मीद जगी है कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ इन ऐतिहासिक धरोहरों की सुध भी ली जायेगी.

अंग्रेजी शासन के दौरान बना था भवन, आज भी सीना तानकर है खड़ामधेपुरा को नौ मई 1845 को अनुमंडल का दर्जा दिया गया था. उस समय यह भागलपुर जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1865 में ही यहां मुंसिफ कोर्ट की स्थापना हो गयी थी, जो इसकी प्रशासनिक महत्ता को दर्शाता है. इस दौरान इस परिसर में कोर्ट का भवन बना और अनुमंडल तथा ट्रेजरी भवन भी बनाया गया. मुंसिफ कोर्ट के कुछ हिस्से को गत दिनों तोड़ दिया गया है. अंग्रेजी शासन के दौरान निर्मित सभी भवन अपनी मजबूती और विशिष्ट बनावट के लिए जाना जाता है. उस दौर में ट्रेजरी भवन का उपयोग सरकारी खजाने को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था. इसकी मोटी दीवारें और छतें आज भी उस समय की उन्नत निर्माण तकनीक को दर्शाती हैं. स्थानीय जानकारों का कहना है कि यह भवन जिले की उन गिनी-चुनी इमारतों में से एक है जो ब्रिटिश कालीन वास्तुकला को संजोए हुए हैं.जर्जर होती दीवारें, खोती पहचानवर्तमान में संरक्षण के अभाव के कारण इस धरोहर की हालत चिंताजनक है. देखरेख न होने से भवन की दीवारों में पीपल के पेड़ उग आए हैं, जिससे ढांचे में दरारें पड़ रही हैं. भवन के आसपास झाड़ियों का अंबार है और उचित घेराबंदी न होने से यह आवारा पशुओं का निवास स्थल बना है. यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी, तो बारिश और मौसम की मार से यह ऐतिहासिक ढांचा कभी भी जमींदोज हो सकता है. इसे संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों को जिले के प्रशासनिक इतिहास से रूबरू कराया जा सकता है. पर्यटन के दृष्टिकोण से भी इसे अनुमंडल की शोभा के रूप में सहेजा जा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GUNJAN THAKUR

लेखक के बारे में

By GUNJAN THAKUR

GUNJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन