बाल श्रम व बाल विवाह बच्चों के सामने बड़ी चुनौती

Published by : RAJ KUMAR Updated At : 02 Jun 2026 6:52 PM

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बाल श्रम व बाल विवाह बच्चों के सामने बड़ी चुनौती

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दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” विषय पर संगोष्ठी का किया गया आयोजन मधेपुरा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शहर के दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए किशोर कुमार ने कहा कि बचपन मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है. इसी अवधि में बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व भावनात्मक विकास होता है. यदि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित पोषण व संरक्षण प्राप्त हो तो वे भविष्य में जिम्मेदार व सफल नागरिक बन सकते हैं. इसलिए सुरक्षित बचपन और सुरक्षित भविष्य का विचार समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. अधिवक्ता रुद्रनारायण यादव ने कहा कि सुरक्षित बचपन बच्चों को भय, हिंसा, शोषण, भेदभाव व उपेक्षा से बचाता है. एक सुरक्षित वातावरण बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच का विकास करता है. पैनल अधिवक्ता देवेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों के सामने कई प्रमुख चुनौतियां भी हैं जिनमें बाल श्रम, बाल विवाह, शारीरिक व मानसिक शोषण, बाल तस्करी, साइबर अपराध व ऑनलाइन खतरे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है. सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा. प्राचार्या वंदना कुमारी ने कहा कि सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है. इस अवसर पर पीएलवी रबींद्र कुमार सहित स्कूल के सैकड़ों बच्चे उपस्थित थे.

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