ePaper

बिहार के इस कॉलेज में चार छात्राओं के साथ कमरे में बंद मिले अधिकारी, हंगामे के बाद अजीबोगरीब वजह आई सामने

Updated at : 04 Sep 2025 7:59 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar News

कॉलेज कैम्पस के बाहर भीड की तस्वीर

Bihar News: मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में नोडल अधिकारी डॉ. इंद्रकांत भारती 4 छात्राओं के साथ अपने कार्यालय में बंद पाए गए. घटना के दौरान गेट पर ताला लगा था. अधिकारी ने बताया कि छात्राओं के पिता के नाम में गलती सुधारने के लिए उन्हें बुलाया गया था.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में गुरुवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई. नोडल अधिकारी डॉ. इंद्रकांत भारती अपने कार्यालय में 4 छात्राओं के साथ करीब 15 मिनट तक बंद रहे. कार्यालय के गेट पर ताला लगा होने की खबर मिलते ही कैंपस में हड़कंप मच गया.

गेट पर ताला और हंगामा

दरवाजा नहीं खुलने पर वहां मौजूद लोग भड़क गए और ताला खोलने की मांग करने लगे. काफी देर बाद कर्मचारी ने गेट खोला. जैसे ही अधिकारी बाहर निकले, मौजूद लोगों और अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग पूछते नजर आ रहे हैं कि छात्राएं और अधिकारी बंद कमरे में क्या कर रहे थे.

नोडल अधिकारी का बयान

डॉ. इंद्रकांत भारती ने मामले में सफाई दी और बताया कि छात्राओं के आवेदन में पिता के नाम में गलती सुधारने के लिए उन्हें कार्यालय में बुलाया गया था. उन्होंने कहा, “ये छात्राएं हमारी बेटी के समान हैं.” घटना स्नातक पास छात्राओं की प्रोत्साहन राशि के आवेदन सुधार प्रक्रिया के दौरान हुई.

गुरुवार को छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के कारण लाइब्रेरी के बाहर बने काउंटर पर भीड़ लगी. चार छात्राओं के अचानक नोडल कार्यालय में जाने और गेट पर ताला लगने से लोगों में शक और गुस्सा बढ़ गया. हालात नियंत्रण में लाने के लिए सदर थाने की पुलिस टीम को बुलाना पड़ा.

प्रशासन ने लिया संज्ञान

परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्रा ने कहा कि घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. छात्रों के आवेदन सुधार के लिए दो अलग काउंटर बना दिए गए हैं. कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर ने बताया कि नोडल अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों से शोकॉज नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है और विधिसम्मत कार्रवाई होगी.

कैम्पस में डिजिटल प्रक्रिया का महत्व

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 2022, 2023 और 2024 के स्नातक छात्राओं के आवेदन लिए जा रहे हैं. आखिरी तारीख नजदीक आने पर बड़ी संख्या में छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंच रही हैं. इस घटना ने प्रशासन और छात्रों के बीच सूचना और प्रक्रिया की पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर किया.

Also Read: बिहार में अब इस दिन नहीं बजा सकते हैं हॉर्न, साउंड पॉल्यूशन को लेकर सरकार का बड़ा आदेश

विज्ञापन
Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन