चित्त की वृत्तियों का रूक जाना ही योग : उपेंद्र

Updated at : 08 Jun 2018 4:31 AM (IST)
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चित्त की वृत्तियों का रूक जाना ही योग : उपेंद्र

मधेपुरा : कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय टेंगरहा परिसर में पतंजलि योग समिति युवा भारत के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नि:शुल्क योग शिविर हवन यज्ञ के साथ समाप्त हुआ. शिविर में हरिद्वार से आये योग निरीक्षक के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया गया. साथ ही हवन के बारे में जानकारी दी. शिविर […]

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मधेपुरा : कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय टेंगरहा परिसर में पतंजलि योग समिति युवा भारत के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नि:शुल्क योग शिविर हवन यज्ञ के साथ समाप्त हुआ. शिविर में हरिद्वार से आये योग निरीक्षक के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया गया. साथ ही हवन के बारे में जानकारी दी. शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिला योग प्रचारक उपेंद्र कुमार योगी ने कहा कि चित्त की वृत्तियों का रूक जाना ही योग है.

योग का अर्थ है वर्तमान में जीना. जहां न दुख होता है और न चिंता होती है. वहां होता है केवल वर्तमान और सृजन. लोगों में काफी उत्साह के साथ योग शिविर में भाग लेने की प्रवृत्ति देखी गयी. वही शिविर के बाद स्कूल में बच्चों को योग कराते हुए उपेंद्र कुमार योगी ने कहा कि योगाभ्यास करने से मेधा शक्ति बुद्धि तीव्र होती है. शांति एवं एकाग्रता की प्राप्ति होती है. जीवन की कमजोरियों को पहचान कर उन्हें शक्ति में बदल कर शक्तिमान हो जाना है योग. योग का दूसरा नाम साधना है. आयोजक पूर्व मुखिया कैलाश प्रसाद ने भी लोगों से कहा कि हमें नियमित योग करना चाहिए. मौके पर राम किशुन राय, मुकेश कुमार, ओम प्रकाश कुमार, नीतू कुमारी, डा चंद्रकांत आदि का सराहनीय योगदान रहा.

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