नगर परिषद की लापरवाही से अंधेरे में डूबीं शहर की गलियां, ”ठंडे बस्ते” में स्ट्रीट लाइट योजना
Author Rajeev murarai sinha sinha
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नगर परिषद की लापरवाही से अंधेरे में डूबीं शहर की गलियां, ‘ठंडे बस्ते’ में स्ट्रीट लाइट योजना
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ढाई करोड़ का टेंडर व वर्क ऑर्डर के बावजूद नहीं लगा उजाला, असुरक्षित महसूस कर रहे नागरिक
लखीसराय. शहर की गलियों में उजाला करने के लिए वार्ड पार्षद की आवाज को गुम कर दिया गया. बता दें कि शहर के पुरानी बाजार व नया बाजार के चितरंजन रोड स्थित नया टोला, संतर मोहल्ला, पंजाबी मोहल्ला एवं किऊल बस्ती के रात के सुनसान और अंधेरी गली से गुजरना महिलाओं बच्चों के लिए आसान नहीं है. इन सुनसान रात के अंधेरी गलियों में कोई नशेड़ी या असामाजिक तत्व अचानक प्रकट होकर कौन सा वारदात को अंजाम दे देंगे यह कहना मुश्किल है. ऐसे संकीर्ण गलियों में गश्ती पुलिस वाहन का प्रवेश भी नहीं होता है. इन गलियों में 112 बाइक सवार पुलिस को भी कम देखा जाता है. गलियों को जगमगाने के लिए नगर परिषद के साधारण बोर्ड की बैठक में कई वार्ड पार्षद ने स्ट्रीट लाइट लगाने की आवाज भी उठायी, लेकिन तत्कालीन नप प्रशासन के गलत नीतियों के कारण यह योजना ठंडी बस्ता में पड़ गया है.वार्ड के दो पार्ट कर स्ट्रीट लाइट लगाने की निकाला गया टेंडर, पूर्व जांच के घेरे में रहे एजेंसी को दे दिया गया टेंडर
शहर के सभी 33 वार्ड के गलियों में उजाला करने के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग के आदेश अनुसार टेंडर निकाला गया. पहला भाग वार्ड नंबर एक से 16 तक एवं दूसरा भाग 17 से वार्ड नंबर 33 तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर निकाला गया. बाकायदा विधिवत स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर भी कर दिया गया. लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से सभी 33 वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने की बात हुई. नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों के द्वारा स्ट्रीट लाइट योजना को पूरा करने के लिए वर्क आर्डर भी दे दिया गया. अब काम शुरू होने वाला ही था कि बुडको के परियोजना निदेशक अभिनंदन कुमार ने इस पर रोक लगाते हुए एक पत्र जारी किया. जिसमें कहा गया कि टेंडर लेने वाले एजेंसी पर पूर्व से ही जांच चल रही है. एजेंसी अभी भी जांच के घेरे में है. जांच पूरी होने तक एजेंसी को किसी भी वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने का अनुमति नहीं दी जाय, तब से अब तक स्ट्रीट लाइट योजना की फाइल लखीसराय नगर परिषद के अलमारी का शोभा बढ़ा रही है.बोले अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि लखीसराय नगर परिषद के कोष में राशि नहीं रहने के कारण योजना का क्रियान्वयन रुका हुआ है. उन्होंने कहा की राशि की कमी एवं बुडको के जारी पत्र के कारण स्ट्रीट लाइट योजना का क्रियान्वयन नहीं हो सका है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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लेखक के बारे में
By राजीव मुरारी सिन्हा
राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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