बड़हिया को मिलने जा रही है 'महा-पावर'! डीएम के इस बड़े कदम से दूर होगी बिजली की किल्लत, जानें कब तक पूरा होगा ड्रीम प्रोजेक्ट

Updated:
विज्ञापन

फोटो - निर्माणाधीन पावर सब ग्रिड (जीएसएस) टावर स्थल का निरीक्षण डीएम व अन्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network

लखीसराय के बड़हिया प्रखंड के लोगों के लिए बिजली की किल्लत खत्म होने वाली है. डीएम के निर्देश पर नया पावर सब ग्रिड तेजी से बन रहा है, जो इलाके को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगा. इससे भविष्य की बढ़ती मांगों को भी पूरा किया जा सकेगा.

विज्ञापन

क्या आप भी बार-बार बिजली कटने और उमस भरी गर्मी में लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं? लखीसराय के बड़हिया प्रखंड के लोगों के लिए एक ऐसी बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो आने वाले समय में यहाँ की बिजली व्यवस्था की पूरी तस्वीर बदलने वाली है. जिलाधिकारी (डीएम) शैलेन्द्र कुमार के एक बड़े कदम ने इस पूरे क्षेत्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हलचल तेज कर दी है. अब बड़हिया को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए दूसरों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा.

हाथीदह की निर्भरता होगी खत्म, बड़हिया के पास होगी अपनी 'डबल पावर'

यह पूरी हलचल तब शुरू हुई जब शुक्रवार को डीएम शैलेन्द्र कुमार अचानक निर्माणाधीन पावर सब ग्रिड (जीएसएस) टावर स्थल पर जा पहुँचे. उन्होंने वहाँ चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए. वर्तमान में बड़हिया प्रखंड को अपनी बिजली की जरूरतों के लिए हाथीदह स्थित जीएसएस पर निर्भर रहना पड़ता है, जहाँ से बीरुपुर और प्रतापपुर समेत कई अन्य ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई की जाती है. लेकिन नया सब ग्रिड बनने के बाद यह निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी. बड़हिया में करीब 40 एमवीए (MVA) क्षमता का यह जीएसएस तैयार किया जा रहा है, जबकि पूरे प्रखंड की वर्तमान जरूरत महज 20 से 25 मेगावाट के आसपास ही है. यानी भविष्य की बढ़ती आबादी और फैक्ट्रियों की मांग के लिहाज से यह ग्रिड उम्मीद से दोगुनी बिजली देने में पूरी तरह सक्षम होगा.

फोटो - निर्माणाधीन पावर सब ग्रिड (जीएसएस) टावर स्थल का निरीक्षण डीएम व अन्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network
फोटो - निर्माणाधीन पावर सब ग्रिड (जीएसएस) टावर स्थल का निरीक्षण डीएम व अन्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network

टाल क्षेत्र के पानी से जंग और साल 2027 का वो बड़ा लक्ष्य

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए प्रशासन ने वैसे तो साल 2027 तक का समय तय किया है, लेकिन डीएम ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका प्रयास इसे समय सीमा से काफी पहले ही पूरा कराने का है. हालांकि, इस काम की राह इतनी आसान भी नहीं है. ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट टाल क्षेत्र का जलमग्न होना है. रास्ते में पानी भरे होने से काम काफी प्रभावित होता है. इसके बावजूद डीएम ने अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी बाधाओं को युद्ध स्तर पर दूर कर काम की रफ्तार बढ़ाई जाए.

सोलर प्लांट और ग्रीन एनर्जी से रोशन होगा लखीसराय

निरीक्षण के दौरान डीएम ने केवल पावर ग्रिड का काम ही नहीं देखा, बल्कि बिजली के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर की गहन समीक्षा की. उन्होंने बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या को तुरंत खत्म करने और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने कजरा सोलर प्लांट का जिक्र करते हुए कहा कि क्लीन और ग्रीन एनर्जी सरकार की पहली प्राथमिकता है. इस खास निरीक्षण के मौके पर डीडीसी सुमित कुमार, बड़हिया बीडीओ राकेश कुमार, सीओ प्रियंका कुमारी और कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी सहित बिजली विभाग के कई आला अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन