बाईपास और मलिया पुल पर भारी वाहनों की नो-एंट्री तय, प्रशासन तलाश रहा वैकल्पिक रास्ता

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बाइपास पुल

लखीसराय में जर्जर हो चुके बाईपास और मलिया पुल पर भारी वाहनों का परिचालन जल्द बंद होने वाला है. किऊल रेलवे पुल की कम ऊंचाई के कारण वैकल्पिक मार्ग तलाशने में प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.

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लखीसराय से राजेश कुमार व अजीत कुमार की खबर: जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले बाईपास पुल और तेतरहाट-मलिया पुल पर जल्द ही भारी वाहनों (ट्रक, बस, डंपर और ट्रेलर) का आवागमन पूरी तरह बंद किया जा सकता है. भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के साथ हुए हादसे के बाद सरकार राज्य के सभी पुराने पुलों की गुणवत्ता को लेकर अलर्ट मोड पर है. इसी कड़ी में पटना से आई तकनीकी टीम और जिला प्रशासन की जांच के बाद इन दोनों पुलों की स्थिति चिंताजनक पाई गई है, जिसके चलते किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाना लगभग तय माना जा रहा है.

आला कमान के आदेश का इंतजार

पथ निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने पुलों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है. विभाग के सब-डिवीजन अभियंता शिवम कुमार ने बताया कि तकनीकी जांच के परिणामों से आला कमान को अवगत करा दिया गया है. अब मुख्यालय से औपचारिक आदेश मिलते ही पुलों पर बैरिकेडिंग या अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी.

रेलवे पुल बना प्रशासन के लिए सिरदर्द

इन दोनों प्रमुख पुलों के बंद होने की संभावना ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी चुनौती भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने की है.

  • किऊल रेलवे पुल की बाधा: शहर के बीचों-बीच स्थित किऊल रेलवे पुल की ऊंचाई मुख्य सड़क से काफी कम है. इस कारण बड़े ट्रक या डंपर इस पुल के नीचे से पार नहीं कर सकते, जिससे शहर होकर भारी वाहनों को गुजारना असंभव लग रहा है.
  • बालू लदे वाहनों का संकट: मलिया पुल बंद होने की स्थिति में बालू लदे भारी वाहनों को किऊल खगौर के रास्ते डाइवर्ट करना पड़ सकता है, जो काफी लंबा और घुमावदार रास्ता होगा.

शेखपुरा मार्ग पर विचार कर रहा प्रशासन

वैकल्पिक रास्तों की कमी को देखते हुए प्रशासन अन्य जिलों से संपर्क साधने पर भी विचार कर रहा है. सदर एसडीओ प्रभाकर कुमार ने बताया कि रेलवे पुल की कम ऊंचाई एक बड़ी समस्या है. ऐसे में भारी वाहनों के परिचालन के लिए दूसरे और तीसरे विकल्पों पर मंथन किया जा रहा है. वाहनों को शेखपुरा के रास्ते भेजने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया जा सकता है ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने और पुलों पर भी दबाव कम हो.

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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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