लखीसराय में बाढ़ जैसे हालात, दो गांव टापू में तब्दील : घरों में घुसा पानी, सड़क संपर्क टूटा
रेहुआ रोड पर बह रहा बाढ़ का पानी, आवागमन प्रभावित.
लखीसराय जिले में लगातार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. सदर प्रखंड के रेहुआ और रामनगर बभनगंवा गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे उनका संपर्क टूट गया है. ग्रामीणों के घरों में 3 से 4 फीट तक पानी घुस गया है और वे मदद की गुहार लगा रहे हैं.
लखीसराय जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने सदर प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर और साइक्लोनिक सिस्टम के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश के कारण गढ़ी बिशनपुर पंचायत का रेहुआ और अमहरा पंचायत का रामनगर बभनगंवा गांव टापू में तब्दील हो गया है. गांव के चारों ओर करीब 3 से 4 फीट तक पानी जमा है. मुख्य संपर्क सड़क पर भी पानी चढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
आपके शहर में
रेहुआ में 50 से अधिक घरों में घुसा पानी, नाव की जरूरत
रेहुआ गांव के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, करीब 50 से अधिक घरों में पानी प्रवेश कर चुका है. घरों में पानी घुसने से अनाज और पशु चारा भी भीग गया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.
हालात ऐसे हैं कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ सकता है. लोगों के सामने घर, सामान और पशुधन को सुरक्षित रखने की चुनौती बनी हुई है.
बाढ़ की स्थिति के मुख्य बिंदु
दो गांव प्रभावित : रेहुआ और रामनगर बभनगंवा चारों ओर से पानी से घिरे. पानी की गहराई : गांव के आसपास 3 से 4 फीट तक जलजमाव. रेहुआ : 50 से अधिक घरों में पानी घुसने का ग्रामीणों का दावा. आवागमन : मुख्य संपर्क सड़क पर पानी चढ़ने से परेशानी. स्कूल : रामनगर बभनगंवा में जलजमाव के कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद. मांग : ग्रामीणों ने राहत सामग्री और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की.
रामनगर बभनगंवा का संपर्क टूटा, स्कूल जाना बंद
रामनगर बभनगंवा की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पूरी तरह डूब गयी है. रामनगर से बालगुदर होते हुए एनएच-80 तक जाने वाली सड़क भी जलमग्न हो चुकी है.
सड़क संपर्क टूटने के बाद ग्रामीणों को पैदल या मनकट्ठा स्टेशन पहुंचकर ट्रेन के जरिए लखीसराय आने-जाने की मजबूरी बनी हुई है. जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं पहुंची है. ग्रामीणों ने तत्काल मदद और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है.
एक दिन और बारिश हुई तो बिगड़ सकती है स्थिति
दोनों गांवों के लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर एक दिन और इसी तरह मूसलाधार बारिश हुई तो मौजूदा जलजमाव बाढ़ की गंभीर स्थिति में बदल सकता है.
इधर, मौसम विभाग की ओर से 5 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश की चेतावनी से गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गयी है. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत व्यवस्था और जल निकासी की कार्रवाई पर टिकी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए