वर्षों से जर्जर गौरीशंकर पथ की नहीं हो रही मरम्मत, आवाजाही में होती है फजीहत

Updated:
विज्ञापन

सूर्यगढ़ा : दो पंचायत गोपालपुर व सूर्यपुरा से गुजरने वाली वर्षों से जर्जर गौरीशंकर पथ की मरम्मत नहीं हो पायी. रोज आवाजाही करते हुए हजारों लोग दुखी हो रहे हैं, बरसात में स्थिति और बदतर हो जाती है. लगभग एक किलोमीटर लंबी गौरीशंकर पथ एनएच 80 सड़क को गौरीशंकर धाम मंदिर से जोड़ती है. इस […]

विज्ञापन

सूर्यगढ़ा : दो पंचायत गोपालपुर व सूर्यपुरा से गुजरने वाली वर्षों से जर्जर गौरीशंकर पथ की मरम्मत नहीं हो पायी. रोज आवाजाही करते हुए हजारों लोग दुखी हो रहे हैं, बरसात में स्थिति और बदतर हो जाती है. लगभग एक किलोमीटर लंबी गौरीशंकर पथ एनएच 80 सड़क को गौरीशंकर धाम मंदिर से जोड़ती है.

आपके शहर में

विज्ञापन
इस रास्ते से होकर श्मशान जाने का भी मुख्य रास्ता है. लोग शवों को इसी रास्ते से लेकर किऊल नदी गौरीशंकर घाट दाह संस्कार के लिए जाते है. टूटी-फूटी सड़क पर सफर का दर्द लोगों का छलक रहा है, जो जेहन में नासूर बनता जा रहा है. सभी लोग जिम्मेदारों व प्रतिनिधियों को कोस रहे हैं. जब प्रभात ने गौरीशंकर पथ की पड़ताल की तो वर्षों से जर्जर पथ से आवाजाही में तकलीफ से उबे लोगों ने अपनी अपना दुखड़ा सुनाया
ग्रामीण दुलारी देवी ने बताया कि जर्जर सड़क पर पैदल चलना मुश्किल होता जा रहा है. खासकर रात में तो और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बूढ़े-बुजुर्गों को विशेषकर उबड़-खाबड़ में ज्यादा परेशानी होती है. बैलेंस बिगड़ने पर गिर कर चोटिल होते रहते हैं, वहीं रिक्शा की सवारी व साइकिल चालकों के सफर करने में गिरने का खतरा बना रहता है.
कटेहर गांव की शोभा देवी कहती हैं कि बरसात में पानी जमने से सड़कों की हालत और बिगड़ जाती है. ट्रैक्टर आते-जाते सड़कों पर कीचड़ बन जाता है, जिससे चलने में काफी परेशानी होती है.
आवाजाही में परेशान हो रही रंजू देवी कहती हैं कि गौरीशंकर सड़क पर प्राथमिक विद्यालय भी है जिसमें पढ़ने के लिए सैकड़ों बच्चों को कीचड़ से होकर परेशानी झेलकर रोज जाना पड़ता है. वहीं लंबे समय तक जलजमाव से बदबू व मच्छर उत्पन्न से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है.
पंकज कुमार जर्जर सड़क पर आवाजाही से उबकर बताते हैं कि गौरीशंकर मंदिर भी इसी सड़क पर है. अभी श्रावणी श्रद्धालुओं का सड़क पर जमे पानी कीचड़ से होकर मंदिर तक जाना पड़ेगा. गौरीशंकर सड़क से होकर श्यमसान घाट जाने का रास्ता भी बना हुआ है, जिसे लेकर सूर्यगढ़ा के आस-पास के इलाके के मृतकों को दाह-संस्कार करने के लिए गौरीशंकर श्मशान घाट ही आना पड़ता है.
वहीं जर्जर सड़क से श्मशान घाट जाने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. क्रांति देवी ने सड़क पर सफर की तकलीफ से आक्रोशित होकर कहती हैं कि हमलोग कई वर्षों से सड़क का तकलीफ झेल रहे हैं.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन