ट्रक, हाईवे का दबाव और बाजार की सांसें थाम देने वाला जाम, हरकत में आया प्रशासन, SDPO-2 ने सड़कों पर उतरकर लिया जायजा
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 03 Jun 2026 1:34 PM
ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा
Traffic Jam: ठाकुरगंज शहर को रोजाना लगने वाले भीषण महाजाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए आखिरकार प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया है. बुधवार को नवपदस्थ एसडीपीओ-2 (ADPO-2) मनोज सिंह ने स्थानीय थानाध्यक्ष के साथ मिलकर पूरे बाजार क्षेत्र और मुख्य चौक-चौराहों का सघन निरीक्षण किया, जिसके बाद भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर कड़े बदलावों के संकेत मिले हैं.
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Traffic Jam: किशनगंज जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र और भारत-नेपाल सीमा से सटा ठाकुरगंज शहर इन दिनों अनियंत्रित ट्रैफिक और प्रशासनिक शिथिलता के कारण कछुआ चाल चलने को मजबूर है. शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले मुख्य बाजार क्षेत्र की सड़कों पर रेंगते वाहन और उड़ते धूल के गुबार स्थानीय नागरिकों के सब्र का इम्तिहान ले रहे हैं. इस गंभीर जन-समस्या को प्राथमिकता देते हुए बुधवार को नव नियुक्त एसडीपीओ-2 मनोज सिंह अचानक दलबल के साथ सड़कों पर उतरे. उन्होंने ठाकुरगंज के थानाध्यक्ष मकसूद अहमद अशरफी के साथ बाजार क्षेत्र के तमाम संवेदनशील और अत्यधिक जाम प्रभावित डेंजर पॉइंट्स का पैदल निरीक्षण कर ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया.
बालू लदे ओवरलोडेड ट्रक और कटिहार-टीटीजे मार्ग बने जी का जंजाल
ठाकुरगंज शहर के भीतर सुबह से रात तक पैर पसारने वाले इस महाजाम के मुख्य तकनीकी और भौगोलिक कारण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझे जा सकते हैं:
- बालू सिंडिकेट का दबाव: ठाकुरगंज और आसपास की नदियों से निकलने वाले बालू (रेत) के खनन के बाद सैकड़ों की संख्या में भारी मालवाहक ट्रक और ट्रैक्टर शहर के रिहायशी व संकीर्ण बाजार क्षेत्र के बीच से होकर गुजरते हैं. ओवरलोडेड ट्रकों की इस अनियंत्रित आवाजाही के कारण सड़कें समय से पहले जर्जर हो रही हैं और हर पांच मिनट पर चक्का जाम की स्थिति बन जाती है.
- हाईवे का अतिरिक्त लोड: कटिहार-टीटीजे (TTJ) को जोड़ने वाली मुख्य राज्य उच्च पथ (SH) भी ठाकुरगंज शहर के बिल्कुल बीचों-बीच से होकर निकलती है. इसके चलते अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय बसों, ट्रकों और छोटी गाड़ियों का दबाव सीधे स्थानीय बाजार की पतली सड़कों पर ट्रांसफर हो जाता है.
स्कूल बसें फंसीं, एम्बुलेंस को राह नहीं; थम जाती हैं बाजार की सांसें
जमीनी त्राहिमाम: स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि सुबह 09:00 बजे बाजार खुलते ही स्थिति नारकीय हो जाती है. तपती धूप और उमस के बीच स्कूली बच्चों की बसें, ट्यूशन जाने वाले छात्र, गंभीर मरीज और आवश्यक सामग्री से लदे वाहन घंटों रेंगने को मजबूर होते हैं. कई बार जीवन-मौत से जूझ रहे मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी सायरन बजाते हुए जाम के चक्रव्यूह में फंसी रहती है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है.
नो-एंट्री टाइमिंग में बदलाव और अतिरिक्त पुलिस बल की होगी तैनाती
प्रशासनिक कार्ययोजना और निष्कर्ष:
निरीक्षण के बाद एसडीपीओ-2 मनोज सिंह और थानाध्यक्ष मकसूद अहमद अशरफी ने मुख्य चौराहों पर खड़े होकर ट्रैफिक दबाव को कम करने का खाका खींचा. अधिकारियों ने उन मुख्य कटिंग और अवैध पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जहां सबसे ज्यादा बोतलनुमा (Bottleneck) स्थिति बनती है.
पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि ठाकुरगंज को इस जाम के जाल से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए जल्द ही ‘नो-एंट्री’ (No-Entry) की समय-सारणी में कड़ा संशोधन किया जाएगा. व्यस्त व्यावसायिक घंटों के दौरान भारी ट्रकों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगाने, मुख्य मोड़ों पर अतिरिक्त होमगार्ड के जवानों की तैनाती करने और सड़कों का अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. अब देखना यह है कि प्रशासन का यह जमीनी मंथन कागजों से निकलकर धरातल पर कब तक उतरता है, ताकि ठाकुरगंज के बाजार को दोबारा रफ्तार मिल सके.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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