प्यासे हलक, लंबी कतारें और सात घंटे का इंतजार, ठाकुरगंज स्टेशन पर बेबस दिखे मुसाफिर

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स्टेशन पर पानी लेते यात्री

Thakurganj Railway Station Water Crisis: कटिहार–किशनगंज रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के कारण डायवर्ट होकर चल रही गरीब नवाज एक्सप्रेस गुरुवार को सात घंटे से अधिक लेट ठाकुरगंज स्टेशन पहुंची, जहां पेयजल के लिए महज तीन नलों पर सैकड़ों यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Thakurganj Railway Station Water Crisis: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत कटिहार-किशनगंज रेलखंड पर जारी दोहरीकरण कार्य के बीच रेल यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. गुरुवार को वैकल्पिक मार्ग से बनाई गई व्यवस्था के तहत चल रही डाउन 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस के सैकड़ों यात्रियों को ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर पानी की एक-एक बूंद के लिए भारी फजीहत झेलनी पड़ी. रेलवे प्रशासन ने ट्रैफिक ब्लॉक को देखते हुए ट्रेनों का रूट तो डायवर्ट कर दिया, लेकिन कनिष्ठ स्टेशनों पर यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं को मुस्तैद करना पूरी तरह भूल गया. सात घंटे की विसंगतिपूर्ण देरी से भूखे-प्यासे पहुंचे यात्रियों के कारण स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल संधारित हो गया.

सुबह 2:40 की ट्रेन पहुंची दिन के 10 बजे; पूर्णिया-अररिया होकर चल रहा रूट

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, गरीब नवाज एक्सप्रेस का ठाकुरगंज स्टेशन पर आगमन का आधिकारिक समय तड़के सुबह 2:40 बजे निर्धारित था, लेकिन यह ट्रेन सात घंटे से अधिक विलंब से सुबह 9:53 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची.

मुख्य रेलखंड पर काम चलने की वजह से इस लंबी दूरी की ट्रेन को पूर्णिया जंक्शन, अररिया कोर्ट और ठाकुरगंज के रास्ते डायवर्ट कर चलाया जा रहा है. अत्यधिक समय लगने के कारण ट्रेन के भीतर कनिष्ठ बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग यात्री पूरी तरह बेहाल नजर आए.

अमृत भारत योजना के काम से पुराने नल बंद; महज तीन नलों पर मची त्राहि-त्राहि

“यात्रियों ने बताया कि ठाकुरगंज स्टेशन पर इन दिनों ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण का मुख्य कार्य संधारित किया जा रहा है. निर्माण कार्य के चलते स्टेशन के स्थायी वाटर बूथ और पुराने नल बंद पड़े हैं. यात्रियों के लिए पूरे प्लेटफॉर्म पर महज तीन अस्थायी नलों की कमान छोड़ी गई है. जैसे ही ट्रेन रुकी, सैकड़ों मुसाफिर बोतलें लेकर नलों की तरफ दौड़ पड़े, जिससे वहां लंबी कतारें लग गईं.”

नव नामांकित गृह रक्षकों से प्रभात खबर की खास बातचीत.

Thakurganj Railway Station Water Crisis: यात्रियों ने प्रशासनिक मुस्तैदी पर उठाए सवाल; अतिरिक्त टैंकर लगाने की मांग

लंबे इंतजार के बाद भी जब कई प्रबुद्ध नागरिकों और कली-मजदूरों को पानी नहीं मिला, तो उन्होंने बाजार से महंगी बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी की. यात्रियों और स्थानीय रेल कमेटियों ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कप्तानों की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन आपात स्थिति में स्टेशन पर अतिरिक्त अस्थायी पेयजल केंद्र या पानी के टैंकर मुस्तैद किए जाने चाहिए थे. स्थानीय प्रभारियों ने मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक कनिष्ठ रेल अधिकारी यात्रियों की मूलभूत विसंगतियों का त्वरित निवारण संधारित करें.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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