दिघलबैंक को ठाकुरगंज पावर ग्रिड से जोड़ने की मांग

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 05 Jun 2026 2:59 PM

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ठाकुरगंज पावर ग्रिड

Thakurganj Power Grid: किशनगंज जिले के सीमावर्ती दिघलबैंक प्रखंड में चरमराई बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आंदोलन तेज कर दिया है. दिघलबैंक को किशनगंज के बजाय ठाकुरगंज के नए पावर ग्रिड से जोड़ने की मांग को लेकर स्थानीय जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने जल्द ही सकारात्मक समाधान निकालने का भरोसा दिया है.

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दिघलबैंक से नरेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट

Thakurganj Power Grid: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे दिघलबैंक प्रखंड में पिछले लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाले तकनीकी फॉल्ट ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है. इस गंभीर जन-समस्या को लेकर अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सीधे सरकार और विभाग के खिलाफ आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. दिघलबैंक ग्राम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह ने प्रखंडवासियों की ओर से एक तार्किक मांग उठाते हुए कहा कि जब दिघलबैंक भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से ठाकुरगंज विधानसभा और पुलिस अनुमंडल (Sub-division) के अंतर्गत आता है, तो इसकी बिजली आपूर्ति को भी ठाकुरगंज के नवनिर्मित हाई-कैपेसिटी पावर ग्रिड से ही जोड़ा जाना चाहिए.

किशनगंज ग्रिड से दूरी बनी बड़ी बाधा; बुनियादी सुविधाओं की कमी से गिर रही साख

  • तकनीकी खामियां और दूरी: वर्तमान में दिघलबैंक को किशनगंज पावर ग्रिड से बिजली की सप्लाई दी जाती है. लंबी ट्रांसमिशन लाइन होने के कारण हल्की आंधी-पानी में भी तकनीकी बाधाएं आ जाती हैं और वोल्टेज का स्तर इतना गिर जाता है कि घरेलू उपकरण और मोटरें काम नहीं करतीं.
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार की साख पर बट्टा: मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि दिघलबैंक मुख्य बाजार भारत-नेपाल सीमा का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ हर दिन सैकड़ों नेपाली नागरिक भारतीय सामानों की खरीदारी करने आते हैं. लेकिन लगातार रहने वाले अंधेरे, जर्जर सड़कों, ओवरफ्लो होते नालों और सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण इस अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र की छवि खराब हो रही है.
  • क्या है मुख्य मांग: जनप्रतिनिधियों की स्पष्ट मांग है कि दिघलबैंक को तुरंत ठाकुरगंज ग्रिड से जोड़कर निर्बाध (Continuous) बिजली दी जाए, जबकि किसी आपातकालीन या तकनीकी खराबी की स्थिति के लिए किशनगंज ग्रिड को एक वैकल्पिक (Alternative) बैकअप सोर्स के रूप में चालू रखा जाए.

फाइल आगे बढ़ी, जल्द शुरू होगा काम; जदयू विधायक गोपाल अग्रवाल का बयान

विधायक का आधिकारिक आश्वासन: जनभावनाओं और बिजली संकट की इस गूंज पर त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थानीय जदयू (JDU) विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने राहत भरी खबर दी है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए बताया कि दिघलबैंक प्रखंड को ठाकुरगंज पावर ग्रिड से तकनीकी रूप से इंटरलिंक करने की विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी गई है और एस्टीमेट बनाकर फाइलों को मंजूरी के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. विधायक ने स्पष्ट किया कि ग्रिड बदलने के बाद भी पुरानी लाइन को डेड (बंद) नहीं किया जाएगा, बल्कि आपात स्थिति से निपटने के लिए किशनगंज की कनेक्टिविटी भी बैकअप के तौर पर बनी रहेगी.

सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास प्राथमिकता; बुनियादी ढांचे में होगा सुधार

विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने प्रखंडवासियों को आश्वस्त किया है कि वे केवल बिजली ही नहीं, बल्कि दिघलबैंक बाजार की अन्य बुनियादी समस्याओं जैसे- आधुनिक जल निकासी (नाला निर्माण), सुदृढ़ सड़कें और स्वच्छता कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं.

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार की प्राथमिकताओं में सीमावर्ती (Border Area) क्षेत्रों का समग्र विकास सबसे ऊपर है. बहुत जल्द इस पावर ग्रिड कनेक्टिविटी का काम धरातल पर शुरू हो जाएगा, जिसके सकारात्मक और दूरगामी परिणाम स्थानीय किसानों, मखाना उत्पादकों और व्यापारियों को सुगम बिजली के रूप में देखने को मिलेंगे. इस आश्वासन के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि इस बार उमस भरी गर्मी शुरू होने से पहले ग्रिड ट्रांसफर का काम पूरा कर लिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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