ठाकुरगंज के कॉलेज से रेलवे फाटक तक 5 बड़े मुद्दे, मंत्री से मिले विद्यार्थी परिषद के नेता, जानें क्या-क्या मांग रखी गई

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डॉ दिलीप जायसवाल से मिलते विद्यार्थी परिषद के नेता | Prabhat Khabar Network

ठाकुरगंज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन से जुड़ी पांच प्रमुख समस्याएं अब बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री तक पहुंच गई हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने इन मुद्दों पर मंत्री से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई की मांग की है.

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Thakurganj News: ठाकुरगंज में पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के सफर से जुड़ी पांच बड़ी समस्याएं अब मंत्री के दरवाजे तक पहुंच गई हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री से मुलाकात कर इन मुद्दों को लेकर मांग-पत्र सौंपा है. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समस्याएं लंबे समय से स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों को प्रभावित कर रही हैं, इसलिए अब संबंधित विभागों के स्तर पर ठोस कार्रवाई जरूरी है.

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मांगों में मोहम्मद आजाद नेशनल डिग्री कॉलेज, बसीर नगर में छात्रों से कथित अवैध वसूली की जांच से लेकर कॉलेज की चारदीवारी, ठाकुरगंज में बीएड कॉलेज की स्थापना, अस्पताल में स्थायी महिला चिकित्सक की उपलब्धता और रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं.

कॉलेज में कथित अवैध वसूली की जांच की मांग

विद्यार्थी परिषद के सीनेट सदस्य, पूर्णिया विश्वविद्यालय रितेश यादव और पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राहुल पासवान ने मंत्री के सामने सबसे पहले मोहम्मद आजाद नेशनल डिग्री कॉलेज, बसीर नगर का मामला उठाया.

प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से कथित अवैध वसूली के मामले की उचित जांच कराने की मांग की. नेताओं ने कॉलेज के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग रखी है.

विद्यार्थी परिषद ने जांच पूरी होने तक कॉलेज के प्रधानाचार्य को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह अहम होगा.

चारदीवारी नहीं होने से कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल

कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षा का मुद्दा भी मांग-पत्र में शामिल किया गया है. प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज परिसर में जल्द चारदीवारी निर्माण कराने की मांग की.

नेताओं का कहना है कि कॉलेज परिसर की चारदीवारी नहीं होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर परेशानी बनी रहती है. चारदीवारी बनने से परिसर को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी और कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकेगा.

यह मांग केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है. इसके पीछे कॉलेज परिसर को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की जरूरत भी जुड़ी हुई है.

बीएड के लिए दूसरे शहर जाने की मजबूरी कब होगी खत्म

ठाकुरगंज में बीएड कॉलेज की स्थापना भी प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगों में रही.

स्थानीय स्तर पर बीएड की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है. इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ आने-जाने और अन्य खर्च का भी सामना करना पड़ता है.

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ठाकुरगंज में ही बीएड कॉलेज खुलने से स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल सकेगा. खासकर उन छात्रों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, जो आर्थिक या अन्य कारणों से दूसरे शहर जाकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं हैं.

ठाकुरगंज अस्पताल में महिला डॉक्टर की स्थायी जरूरत

स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा भी सीधे स्थानीय लोगों की जरूरत से जुड़ा है. प्रतिनिधिमंडल ने ठाकुरगंज अस्पताल में महिला चिकित्सक की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की.

महिला मरीजों को इलाज के लिए कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण इलाकों से अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं के लिए महिला चिकित्सक की उपलब्धता खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है.

विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने कहा कि अस्पताल में स्थायी महिला डॉक्टर की उपलब्धता से ठाकुरगंज के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी.

अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मांग पर क्या कदम उठाता है और अस्पताल में महिला चिकित्सक की स्थायी व्यवस्था कब तक सुनिश्चित होती है.

रेलवे फाटक बंद होते ही बढ़ जाती है लोगों की परेशानी

ठाकुरगंज बस स्टैंड से ब्लॉक रोड जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण की मांग भी मंत्री के सामने रखी गई.

स्थानीय लोगों के लिए यह समस्या रोजमर्रा के आवागमन से जुड़ी है. रेलवे फाटक बंद होने पर इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होता है और लोगों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है.

फाटक के बंद होने का असर सिर्फ वाहनों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहता. जरूरी काम से निकलने वाले लोगों, विद्यार्थियों और अन्य राहगीरों को भी इंतजार करना पड़ता है. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यहां आरओबी का निर्माण होने से रेलवे फाटक के कारण होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सकती है.

Thakurganj News: अब मंत्री तक पहुंची मांगों पर कार्रवाई का इंतजार

ठाकुरगंज से जुड़ी इन पांच मांगों को एक साथ उठाए जाने से शिक्षा, स्वास्थ्य और यातायात की स्थानीय समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं.

एक तरफ कॉलेज में कथित अवैध वसूली की जांच और विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल है, तो दूसरी तरफ उच्च शिक्षा के लिए बीएड कॉलेज की जरूरत है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिला डॉक्टर की उपलब्धता और यातायात के लिए आरओबी निर्माण जैसी मांगें सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंत्री को मांग-पत्र सौंपे जाने के बाद संबंधित विभागों की ओर से इन मामलों में क्या कार्रवाई होती है. कॉलेज मामले में जांच, अस्पताल में महिला चिकित्सक की स्थायी व्यवस्था और आरओबी निर्माण जैसे मुद्दों पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगी.

विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने मंत्री से सभी मांगों पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया है. ऐसे में ठाकुरगंज के लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि मांग-पत्र के बाद इन समस्याओं के समाधान की दिशा में जमीन पर कितना काम शुरू होता है.

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