3 दिवसीय मेडिटेशन सह व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन
Published by : AWADHESH KUMAR Updated At : 31 May 2026 7:15 PM
डॉ के सत्यनारायण ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मानसिक शांति और सुदृढ़ व्यक्तित्व का होना अनिवार्य है.
पहाड़कट्टा
पोठिया प्रखंड के डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय अर्राबाड़ी में बीएससी व एमएससी (कृषि) के छात्रों के लिए आयोजित तीन दिवसीय मेडिटेशन सह व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ. 29 मई से शुरू हुई इस विशेष कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण के मार्गदर्शन में किया गया. कार्यशाला के अंतिम दिन आयोजित दीक्षांत सत्र में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ के सत्यनारायण ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मानसिक शांति और सुदृढ़ व्यक्तित्व का होना अनिवार्य है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कार्यशाला में सीखे गए गुणों को अपने दैनिक जीवन में उतारें. तीन दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में हार्टफुलनेस एनजीओ, कान्हा शांति वनम, हैदराबाद के से आए विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार, विनोद अग्रहरि, अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा और आकांक्षा गुप्ता ने मुख्य भूमिका निभाई. एनजीओ की टीम द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहद संतुलित और आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किया गया था. तीन दिनों तक चले इस सत्र में छात्रों को निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया.सुबह का योग और ध्यान
प्रतिदिन सुबह के सत्र की शुरुआत योग, प्राणायाम और हार्टफुलनेस मेडिटेशन के साथ हुई, जिससे छात्रों को तनाव मुक्ति और मानसिक एकाग्रता का व्यावहारिक अनुभव मिला.व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास पब्लिक स्पीकिंग, टीम वर्क और प्रभावी संचार कौशल के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)
वर्तमान समय की मांग को देखते हुए छात्रों को स्मार्ट कम्युनिकेशन और कंटेंट क्रिएशन के लिए आधुनिक एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई.
छात्रों ने रियल-टाइम स्किट से बिखेरी चमक, वैज्ञानिक रहे उपस्थित
कार्यशाला के अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत की गई ””रियल-टाइम स्किट”” (नाट्य प्रस्तुति) रही. विद्यार्थियों के विभिन्न समूहों ने चरित्र निर्माण, सकारात्मक दृष्टिकोण और आंतरिक बदलाव जैसे गंभीर विषयों पर सजीव और व्यावहारिक नाटक प्रस्तुत किए. इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने यह दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी एक संतुलित व्यक्तित्व और टीम वर्क के जरिए सफलता पाई जा सकती है. इस भव्य समापन सह दीक्षांत सत्र के अवसर पर महाविद्यालय के अनेक वैज्ञानिक एवं प्राध्यापक भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें डॉ मनीष कुमार, डॉ आरती शर्मा, डॉ श्वेता कुमारी, डॉ आराधना सुमन और डॉ विनोद कुमार शामिल थे, जिन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया. हार्टफुलनेस एनजीओ के सदस्यों ने कार्यशाला के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र समूहों को सम्मानित भी किया गया.
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