मैं जिंदा हूं साहब, ठाकुरगंज में जीवित बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में किया मृत घोषित, बंद हुई वृद्धा पेंशन

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अचानक पेंशन बंद होने के बाद जब जानकारी लेने पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि सरकारी पोर्टल पर उन्हें मृत दिखा दिया गया है. यही नहीं रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के कारण उनका जीवन प्रमाणीकरण भी नहीं हो पा रहा है.

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ठाकुरगंज ठाकुरगंज प्रखंड से प्रशासनिक लापरवाही की एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां एक जीवित बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया. हालत यह हो गई कि अब वृद्धा को अपनी जिंदगी साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. सुखानी थाना क्षेत्र के भेलागुड़ी वार्ड संख्या-03 निवासी जमातुन निशा, जो वृद्धा पेंशन योजना की लाभार्थी हैं, अचानक पेंशन बंद होने के बाद जब जानकारी लेने पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि सरकारी पोर्टल पर उन्हें मृत दिखा दिया गया है. यही नहीं रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के कारण उनका जीवन प्रमाणीकरण भी नहीं हो पा रहा है. मंगलवार को वृद्ध महिला ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया और कहा कि वह जीवित हैं, लेकिन सरकारी कागजों ने उन्हें मरा हुआ बना दिया है. महिला ने बताया कि वृद्धा पेंशन ही उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा है. पेंशन बंद होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. इस घटना ने सरकारी व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. बिना सत्यापन किसी को मृत कैसे घोषित कर दिया गया. क्या सरकारी पोर्टल में आंकड़ों की जांच नहीं होती.अगर महिला खुद कार्यालय नहीं पहुंचतीं, तो क्या वह हमेशा रिकॉर्ड में मृत ही बनी रहती. ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में गरीबों और बुजुर्गों को पहले ही कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, ऊपर से ऐसी लापरवाही उनकी परेशानी और बढ़ा देती है. मामले को लेकर बीडीओ अहमर अब्दाली ने बताया कि महिला का आवेदन प्राप्त हुआ है. मामले की जांच कर इसे वरीय अधिकारियों को भेजा जा रहा है. यह मामला सिर्फ एक वृद्धा की पेंशन बंद होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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