सीमा पर आग का तांडव, राख में बदला भातगांव बाजार
भातगांव बाजार में लगी आग
Galgalia Bhatgaon Market Fire: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भातगांव बॉर्डर बाजार में मंगलवार को भीषण आग लगने से दर्जनों दुकानें जलकर राख हो गईं. इस आपदा के बीच दोनों देशों के नागरिकों, एसएसबी जवानों और नेपाल से पहुंची दमकल टीम ने मिलकर अद्भुत भाईचारे की मिसाल पेश की, जिससे सैकड़ों लोगों का रोजगार पूरी तरह स्वाहा होने से बच गया.
गलगलिया (किशनगंज) से विवेक चौधरी की रिपोर्ट
Galgalia Bhatgaon Market Fire: भारत-नेपाल सीमांत प्रक्षेत्र के गलगलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भातगांव बॉर्डर बाजार से तबाही और मानवीय एकजुटता की एक बड़ी खबर सामने आई है. मंगलवार दोपहर बाद बाजार में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और मछली, दवा, कपड़ा, राशन व सब्जी की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. आसमान में उठते धुएं के गुबार और लपटों के बीच पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई. अधिकांश छोटे व्यापारियों और कली-मजदूरों को अपनी दुकानों से सामान निकालने तक का अवसर नहीं मिला, जिससे लाखों रुपये की व्यावसायिक संपत्ति जलकर नष्ट हो गई.
स्थानीय दमकल के आने में हुई देरी; नेपाल के भद्रपुर से पहुंची रेस्क्यू टीम
बाजार प्रक्षेत्र में मची इस तबाही के दौरान राहत और बचाव कार्य की मुख्य कड़ियां बेहद चुनौतीपूर्ण रहीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गलगलिया थाना क्षेत्र की स्थानीय अग्निशमन टीम परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त थी, जिसके कारण वह समय पर नहीं पहुंच सकी, जबकि पोठिया से भेजी गई गाड़ी को पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया.
स्थिति को बिगड़ता देख मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने तुरंत सीमा पार नेपाल के भद्रपुर नगरपालिका के मेयर गणेश पोखरेल से संपर्क साधा. सूचना मिलते ही नेपाल प्रशासन ने त्वरित मुस्तैदी दिखाई और भद्रपुर से दमकल वाहन को भारतीय सीमा के भीतर रवाना कर दिया. नेपाली दमकल चालक कमल नेपाल और हवलदार उदय शेरपा की अगुवाई में सत्य राजवंशी, विकास सितुला और विक्रम मिश्रा की टीम ने बिना समय गंवाए मोर्चे पर तैनात होकर आग पर काबू पाना शुरू किया.
एसएसबी जवान और हजारों ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला
“नेपाली दमकलकर्मियों के साथ मिलकर 41वीं बटालियन एसएसबी भातगांव के जवानों, गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार और वेद प्रकाश निषाद के नेतृत्व में पुलिस बल ने तुरंत सुरक्षा घेरा तैयार किया. आग की भयावहता को देखते हुए भारत, नेपाल और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से पहुंचे हजारों प्रबुद्ध नागरिकों ने जाति और देश की दीवारों को भुलाकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई और बाल्टियों से पानी पहुंचाकर आग को आगे बढ़ने से रोका.”
लाखों का नुकसान, दवा और मछली दुकानों को सबसे अधिक क्षति
इस भीषण अग्निकांड में मछली व्यवसायी नूर आलम की दुकान तथा डॉ. समादर की दवा दुकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, जिससे उन्हें सबसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. इसके अतिरिक्त कई अन्य राशन, कपड़ा और किराना प्रतिष्ठान भी मलबे में तब्दील हो गए हैं. स्थानीय राजस्व अधिकारियों की टीम नुकसान के सटीक आकलन और प्रभावित दुकानदारों को सरकारी मुआवजा दिलाने की प्रशासनिक प्रक्रिया को संधारित करने में जुट गई है.
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि नेपाल की भद्रपुर नगरपालिका से समय पर तकनीकी सहयोग नहीं मिलता, तो पूरे भातगांव बाजार का वजूद समाप्त हो जाता. आपदा के समय दोनों देशों के लोगों की इस एकजुटता ने साबित कर दिया कि इंसानी भाईचारे के आगे कोई भौगोलिक सीमा मायने नहीं रखती. फिलहाल स्थानीय थाना पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी है.
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लेखक के बारे में
By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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