दवा कारोबारी आंदोलन के मूड में, प्रारूप तैयार

Published at :29 Mar 2017 5:26 AM (IST)
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दवा कारोबारी आंदोलन के मूड में, प्रारूप तैयार

फर्मासिस्टों को लेकर सरकार द्वारा जारी निर्देश से दवा कारोबारी आक्रोशित दिघलबैंक : दवा कारोबार से जुड़े फार्मासिस्टों को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद दवा कारोबारी भी आंदोलन के मूड में है. आगामी अप्रैल माह में संभावित राज्यव्यापी हड़ताल के तैयारियों को लेकर मंगलवार को किशनगंज डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला […]

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फर्मासिस्टों को लेकर सरकार द्वारा जारी निर्देश से दवा कारोबारी आक्रोशित

दिघलबैंक : दवा कारोबार से जुड़े फार्मासिस्टों को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद दवा कारोबारी भी आंदोलन के मूड में है. आगामी अप्रैल माह में संभावित राज्यव्यापी हड़ताल के तैयारियों को लेकर मंगलवार को किशनगंज डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष खुर्शीद अनवर और जिला सचिव जंगी प्रसाद दास ने जिले के विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर केमिस्ट बंधुओं तथा दवा कारोबार संघ के प्रखंड इकाईयों के सदस्यों से मुलाकात कर आंदोलन की रूप- रेखा पर विस्तृत चर्चा की. दिघलबैंक में बैठक को संबोधित करते हुए श्री दास ने कहा कि बिहार केमिस्ट ड्रगिस्ट राज्य सरकार तक अपनी बात रख रही है
. अगर सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेगी तो सड़क से विधान सभा तक प्रदर्शन होगा. क्योंकि इस ऑनलाइन व्यवस्था के बाद 90 प्रतिशत दवा की दुकानें बंद हो जायेगी और उसके बाद उतपन्न होने वाली स्थिति का अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा. बीमार मरीज के साथ-साथ प्रदेश के हजारों दवा दुकानदार और उस पर आश्रित लाखों लोगों के समक्ष बेरोजगारी और भुखमरी के हालात उतपन्न हो जायेंगे. राज्य सरकार को इस मुद्दे पर फिर से विचार करना चाहिए क्योंकि बहुत लोग ऐसे हैं जिनकी पूरी उम्र इस व्यापार में गुजरी है तो अधिकांश लोग कई दशक से इस कारोबार से जुड़े हुए हैं. और जो नियम सरकार लगाना चाहती है वो किसी भी सूरत में तर्क संगत नहीं है. देश में आज़ादी से पूर्व 1940 के ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट जो की अंग्रेजों के द्धारा बनायी गयी है उसमें बदलाव की जरूरत है ताकि औषधि कारोबार को सुगम किया जा सके और फार्मासिस्ट जैसे अंग्रेजों के नियम को बदला जाये़ पिछले आठ दशक से यही कानून चल रहा है जिसमें सरकार को संसोधन करने की जरूरत है. अन्य कानूनों में समय के साथ फेर-बदल हुए है तो औषधि कानून में भी बदलाव समय की मांग है. इस अवसर पर संजय जैन, प्रदीप पोद्दार, सुनील कुमार चक्रवर्ती, रामबाबू, शिव शंकर, हेमंत कुमार सिन्हा, रामेश्वर भगत, मो नसीम, रूपेश कुमार सिंह सहित अन्य सभी दवा विक्रेता मौजूद थे.
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