मॉडल स्कूलों में अब अफसर भी लगाएंगे क्लास, हर सप्ताह पढ़ाई की गुणवत्ता पर रखेंगे नजर

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सांकेतिक तस्वीर

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खगड़िया समेत राज्य के मॉडल स्कूलों में अधिकारी अब सिर्फ निरीक्षण नहीं करेंगे, बल्कि कक्षाएं भी लेंगे. इससे पढ़ाई की गुणवत्ता सुधरेगी और छात्रों के कौशल विकास पर सीधा ध्यान दिया जाएगा.

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खगड़िया : जिले के मॉडल स्कूल अब सिर्फ बेहतर आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था के केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि इन विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर जिला स्तरीय अधिकारियों की भी सीधी नजर रहेगी. जिले के करीब एक दर्जन मॉडल स्कूलों में जिला स्तरीय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है. अधिकारी नियमित निरीक्षण के साथ हर सप्ताह विद्यार्थियों की कक्षा भी लेंगे.

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राज्य स्तर पर करीब 700 मॉडल स्कूलों के लिए यह व्यवस्था लागू की गयी है. वहीं, जिले के अन्य विद्यालयों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया चल रही है.

सिर्फ निरीक्षण नहीं, अधिकारी खुद पढ़ाएंगे

नयी व्यवस्था के तहत संबद्ध अधिकारी केवल विद्यालय का निरीक्षण कर वापस नहीं लौटेंगे. वे अपनी विषय रुचि के अनुसार प्रत्येक सप्ताह एक या उससे अधिक कक्षाएं भी संचालित करेंगे. इससे अधिकारियों को विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति को करीब से समझने का मौका मिलेगा.

अधिकारी कक्षा में पाठ्यक्रम की प्रगति, गृहकार्य, कक्षा संचालन और विद्यार्थियों की सहभागिता का भी जायजा लेंगे.

शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर अनुशासन तक की होगी समीक्षा

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और अनुशासन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. साथ ही उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी.

अधिकारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालय की समस्याओं और सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे.

बिजली-पानी और शौचालय की भी होगी निगरानी

मॉडल स्कूलों में पढ़ाई के साथ बुनियादी सुविधाओं को भी निगरानी के दायरे में रखा गया है. बिजली, पेयजल, शौचालय, रंग-रोगन और विद्यालय परिसर की स्थिति की नियमित समीक्षा होगी.

आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विद्यार्थियों के हित में समुचित इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी. निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी स्तर से आवश्यक सुधार कराया जाएगा.

करीब 700 प्रधानाध्यापकों को दिया गया प्रशिक्षण

मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. जिले समेत राज्य के करीब 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया है.

इसके अलावा विद्यालय के प्रत्येक बच्चे की अलग आईडी तैयार की जा रही है. इसके माध्यम से जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है.

अंग्रेजी और कौशल विकास पर भी रहेगा फोकस

जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गौंड ने कहा कि मॉडल स्कूलों में अधिकारियों की सहभागिता का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार लाना है. अधिकारियों के नियमित कक्षा संचालन और अनुश्रवण से बच्चों की सीखने की क्षमता, उपस्थिति और अनुशासन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में जो कमियां सामने आएंगी, उन्हें रिपोर्ट के आधार पर दूर कराया जाएगा. साथ ही अंग्रेजी सहित विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

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