32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए 60 विज्ञान शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

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32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत डायट, रामगंज संसारपुर में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में नौ जिलों के करीब 60 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यशाला में ‘निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ विषय पर वैज्ञानिक परियोजनाओं के निर्माण, प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन की बारीकियां सिखाई गईं.

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खगड़िया से राजकिशोर सिंह की रिपोर्ट

Khagariya News : 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के अंतर्गत डायट (रामगंज संसारपुर) में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में खगड़िया, बेगूसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा और कटिहार जिले के लगभग 60 विज्ञान शिक्षक, जिला समन्वयक, रिसोर्स पर्सन एवं शैक्षिक समन्वयकों ने भाग लिया. कार्यशाला का उद्घाटन साइंस फॉर सोसाइटी बिहार के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय, क्षेत्रीय समन्वयक हर्षवर्धन कुमार, राज्य शैक्षिक समन्वयक प्रो. रश्मि कोमल, प्रो. सी.एस. झा, डायट के प्रभारी प्राचार्य विक्रांत भास्कर तथा जिला समन्वयक अनुराधा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी जिला समन्वयक अनुराधा कुमारी तथा शैक्षिक समन्वयक अताउल्लाह ने निभाई.

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विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी

इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार” रखा गया है. प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विषय के साथ इसके पांच उप-विषयों पर वैज्ञानिक परियोजनाओं के चयन, निर्माण, प्रस्तुतीकरण तथा मूल्यांकन की विस्तृत जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने शिक्षकों को बताया कि छात्र स्थानीय समस्याओं की पहचान कर वैज्ञानिक पद्धति से उनका अध्ययन करें और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करें.

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रभावी मंच

Khagariya News : साइंस फॉर सोसाइटी बिहार के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रभावी मंच है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रतिभागियों का पंजीकरण भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा तथा प्रत्येक प्रतिभागी को लॉग बुक और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी. उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को शोध आधारित परियोजनाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और जीवन की निरंतरता के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. वहीं क्षेत्रीय समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने शिक्षकों से अपने-अपने जिलों में बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी मेहनत ही विद्यार्थियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी.

राज्य शैक्षिक समन्वयक प्रो. रश्मि कोमल ने भारतीय ज्ञान प्रणाली सहित विभिन्न उप-विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया. डॉ. रामनंदन सहनी ने “भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य” विषय पर व्याख्यान देते हुए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला. स्टेट रिसोर्स पर्सन गणपति कुमार तथा प्रो. सी.एस. झा ने परियोजना निर्माण की तकनीकी बारीकियों पर विस्तृत जानकारी दी.

कार्यशाला के दौरान पूर्व राज्य संयोजक डॉ. पी.के. शरण ने प्रतिभागियों से परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण कराया, जबकि जिला समन्वयक अनुराधा कुमारी ने पीपीटी के माध्यम से आदर्श परियोजना प्रस्तुति का प्रदर्शन किया. मोहम्मद शहजाद हसन ने लक्ष्य निर्धारण पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर चयन प्रक्रिया आयोजित कर बेहतर परियोजनाओं का चयन किया जाए, ताकि विद्यार्थियों का प्रदर्शन और अधिक प्रभावी हो सके.

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