मथुरापुर आरओबी निर्माण बना राहगीरों के लिए मुसीबत,अधूरे नाला व कीचड़ से बढ़ा हादसे का खतरा
फोटो- सर्विस रोड कीचड़ में तब्दिल. | Prabhat Khabar Network
खगड़िया में 77 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. सड़क पर खुले गड्ढे, कीचड़ और जलजमाव ने राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों के लिए आवागमन मुश्किल कर दिया है. लोग जल्द निर्माण पूरा करने की मांग कर रहे हैं.
खगड़िया. शहर के मथुरापुर रेलवे ढाला पर करीब 77 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रेल ओवरब्रिज (आरओबी) से भविष्य में लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. सड़क के दोनों किनारों पर नाला निर्माण के लिए खुदाई कर कई जगह खुले गड्ढे छोड़ दिए गए हैं. कई स्थानों पर नाला निर्माण अधूरा पड़ा है. रविवार को हुई बारिश के बाद गांधी चौक से कुतुबपुर तक की सड़क पर कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे पैदल यात्रियों, बाइक सवारों और चारपहिया वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
आपके शहर में
खुले गड्ढों और कीचड़ से बढ़ा हादसे का खतरा
नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे की गई खुदाई के बाद कई जगह गड्ढे खुले पड़े हैं. वहीं अधूरे नाले के कारण लोगों को सड़क के संकरे हिस्से से होकर गुजरना पड़ रहा है. बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार कीचड़ के कारण ई-रिक्शा के पलटने की घटनाएं भी हो रही हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं. रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है.
दुकानदारों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी
निर्माण कार्य से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. दुकानदारों का कहना है कि कीचड़ और जलजमाव के कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से कतराते हैं. वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है. गांधी चौक, मथुरापुर ढाला और कुतुबपुर होकर दर्जनों स्कूल वाहन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवाजाही करते हैं.
अधूरे नाला निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और निर्माण एजेंसी से अधूरे नाला निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है. लोगों ने निर्माण अवधि तक सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन के लिए सर्विस रोड की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है. साथ ही खुले गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की गई है.
12 माह में करीब 30 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा
जानकारी के अनुसार मथुरापुर आरओबी का निर्माण कार्य 22 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था. परियोजना को 21 अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है. करीब 1.5 किलोमीटर लंबे आरओबी में कुल 26 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें 18 पिलर का निर्माण पूरा होने की बात कही गई है. वर्तमान में पिलर के ऊपर सुपर स्ट्रक्चर का काम चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की धीमी गति के कारण परेशानी बढ़ रही है.
77 करोड़ रुपये से बन रहा बहुप्रतीक्षित आरओबी
खगड़िया-परिहारा-बखरी लिंक पथ पर स्थानीय रेलवे स्टेशन और उमेश नगर स्टेशन के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 24 एसपीएल के स्थान पर आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है. परियोजना की अनुमानित लागत 77 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. आरओबी के साथ दोनों ओर सर्विस रोड का भी प्रावधान है. मथुरापुर गांधी चौक की ओर करीब 763 मीटर और रेलवे ढाला से इस्लामपुर ढाला की ओर करीब 587 मीटर लंबा हिस्सा बनाया जा रहा है.
रेलवे फाटक बंद होने से रोज लगता है जाम
मथुरापुर रेलवे ढाला पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव के कारण फाटक को बार-बार बंद करना पड़ता है. इससे गांधी चौक से कुतुबपुर और शहर के दक्षिणी हिस्से के बायपास बांध तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. लोगों को गर्मी और बारिश के बीच घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है.
बढ़ते रेल परिचालन से बढ़ा फाटक पर दबाव
मथुरापुर रेल फाटक खगड़िया-बेगूसराय रेलखंड पर स्थित है. खगड़िया-समस्तीपुर, खगड़िया-मुंगेर और खगड़िया-कुशेश्वरस्थान रेलखंडों पर परिचालन बढ़ने के साथ इस मार्ग पर ट्रेनों का दबाव भी बढ़ा है. ऐसे में आरओबी का निर्माण पूरा होने के बाद रेल फाटक पर निर्भरता कम होने और शहरवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए