भरत तिवारी एनकाउंटर : न्याय की मांग पर गोगरी में कैंडल मार्च, सैकड़ों लोग शामिल हुए
नारेबाजी करते ग्रामीण.
गोगरी के बौरना गांव से निकले सैकड़ों युवाओं के कैंडल मार्च में न्याय की मांग के साथ सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. महेशखूंट एनएच-31 चौक पर पुलिस द्वारा नारेबाजी रोकने की सलाह देने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.
गोगरी (खगड़िया) से रणवीर झा की रिपोर्ट
Khagariya News : भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को गोगरी प्रखंड के बौरना गांव से कैंडल मार्च निकाला गया. सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर बौरना गांव से गोगरी शिव मंदिर चौक, महेशखूंट आसाम रोड चौक और बाजार तक मार्च किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
कैंडल मार्च एवं श्रद्धांजलि सभा का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता मिन्हाज भारती और बौरना पंचायत के सरपंच नवल किशोर सिंह ने किया. मार्च में शामिल लोग “भरत तिवारी अमर रहें” और न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाते हुए आगे बढ़े. प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.
घटना की उच्चस्तरीय जांच हो : मिन्हाज
सामाजिक कार्यकर्ता मिन्हाज भारती ने कहा कि भरत तिवारी गरीबों, वंचितों और शोषितों की आवाज थे. उनका आरोप था कि आत्मसमर्पण के बाद हुई घटना की उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिले.
मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि भरत तिवारी ने जीवनभर जनसरोकारों और गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनका आरोप था कि वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही का शिकार हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
एनएच पर पुलिस से हुई नोकझोंक
इस दौरान महेशखूंट के एनएच-31 चौक पर स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इसी बीच महेशखूंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से नारेबाजी नहीं करने की अपील की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारी नारेबाजी जारी रखे रहे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने गिरफ्तारी की चेतावनी भी दी. हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हो गया और कैंडल मार्च बिना किसी अप्रिय घटना के गोगरी होते हुए पुनः बौरना गांव लौट गया. मार्च के समापन पर लोगों ने भरत तिवारी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी तथा न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया.
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