खगड़िया में फर्जी प्रमाणपत्र के आरोप में शिक्षक सेवामुक्त, जांच में जन्मतिथि और पिता के नाम में मिली विसंगति

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फर्जी तरीके से बहाल शिक्षक शमशाद आलम | Prabhat Khabar Network

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Khagaria News: प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला के शिक्षक शमशाद आलम को फर्जी सर्टिफिकेट पर बहाली के आरोप में सेवामुक्त कर दिया गया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी है.

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Khagaria News: खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड में शिक्षक नियोजन से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है. तेलौंछ पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला ठेरवापार में कार्यरत शिक्षक शमशाद आलम को पंचायत नियोजन इकाई ने सेवामुक्त कर दिया है. यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के निर्देश के बाद की गई है. शिक्षक की नियुक्ति वर्ष 2010 में हुई थी, लेकिन जांच के दौरान शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में कथित विसंगतियां मिलने के बाद नियोजन इकाई ने सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया.

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मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है. यह कार्रवाई सरकारी शिक्षक नियुक्तियों में दस्तावेजों की जांच और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल और बहस दोनों को सामने ला रही है.

डीईओ के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर खगड़िया के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने पंचायत नियोजन इकाई को वर्ष 2020 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.

इसके बाद पंचायत नियोजन इकाई ने शिक्षक शमशाद आलम को सेवामुक्त करने का आदेश जारी कर दिया. इस आदेश की प्रति जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को भी भेजी गई है.

क्या हैं शिक्षक पर लगे आरोप?

मामले में आरोप है कि वर्ष 2010 में शिक्षक का चयन कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर किया गया था.

जांच के दौरान शिक्षक के दो अलग-अलग प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई. इसके अलावा दोनों दस्तावेजों में पिता का नाम भी अलग दर्ज होने की बात सामने आई. शिकायत के अनुसार, चयन प्रक्रिया के दौरान उन्हें 20 अंक का वेटेज भी दिया गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, चयन समिति द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर शिक्षक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया.

उर्दू शिक्षक की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि शिक्षक की नियुक्ति उर्दू शिक्षक के रूप में हुई थी, लेकिन जांच के दौरान वे उर्दू भाषा पढ़ने और लिखने में सक्षम नहीं पाए गए.

रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान वे उर्दू में अपना नाम तक नहीं लिख सके. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा हैं.

Khagaria News: शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच

बताया गया कि बड़ी तेलौंछ निवासी जदयू नेता मो. हीरा ने इस मामले को उठाया था, जिसके बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. जांच में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी.

पंचायत सचिव ने की कार्रवाई की पुष्टि

पंचायत सचिव धीरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के अनुपालन में संबंधित शिक्षक को सेवामुक्त कर दिया गया है.

फिलहाल, इस मामले में शिक्षक की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि वे सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय में इस कार्रवाई को चुनौती देते हैं, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.

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