विद्यालय भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय,श्यामघरारी | Prabhat Khabar Network
श्यामघरारी के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है. एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विवादित भूमि पर हो रहे निर्माण को रोकने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
खगड़िया : प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्यामघरारी के भवन निर्माण को लेकर गंभीर प्रशासनिक अनियमितता का आरोप सामने आया है. ग्राम पंचायत राज आनंदपुर मारन निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमन कुमार ने मुख्यमंत्री को आवेदन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, विवादित भूमि पर भवन निर्माण की स्वीकृति रद्द करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.
विवादित भूमि पर निर्माण का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए पहले से चिन्हित विवाद-मुक्त सरकारी भूमि को नजरअंदाज कर न्यायालय में लंबित विवादित भूमि (खेसरा संख्या-744) को निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई. शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में अंचलाधिकारी, अलौली एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), खगड़िया की भूमिका संदेह के घेरे में है.
पहले विवाद-मुक्त जमीन की हुई थी अनुशंसा
शिकायत के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को विद्यालय भवन निर्माण के लिए खाता संख्या-176, खेसरा संख्या-1049 स्थित विवाद-मुक्त सरकारी भूमि पर निर्माण कराने का प्रस्ताव जिला परिषद अध्यक्ष को भेजा गया था. इसके आधार पर 21 जनवरी 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने भी डीईओ को उसी भूमि पर भवन निर्माण कराने की अनुशंसा की थी. इसके बाद डीईओ ने संयुक्त स्थल जांच कराने का आदेश देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) एवं अंचलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी.
पांच दिन में बदल गई सरकारी रिपोर्ट
आवेदन में दावा किया गया है कि अंचलाधिकारी ने 19 जनवरी 2026 को पत्रांक-207 के माध्यम से स्पष्ट किया था कि खेसरा संख्या-744 की जमाबंदी से संबंधित मामला अपर समाहर्ता न्यायालय, खगड़िया में लंबित है. लेकिन पांच दिन बाद 24 जनवरी 2026 को उसी कार्यालय से पत्रांक-290 जारी कर उसी भूमि को विवाद-मुक्त बताते हुए नई चेकलिस्ट भेज दी गई. शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर प्रशासनिक विरोधाभास बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
बिना संयुक्त जांच के स्वीकृति देने का आरोप
आवेदक का यह भी आरोप है कि 4 जून 2026 को डीईओ कार्यालय को न्यायालय में लंबित वाद संख्या-45/25-26 एवं कथित अनियमितताओं की जानकारी लिखित रूप से दी गई थी. इसके बावजूद 7 जुलाई 2026 को बिना संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त किए ही विवादित भूमि पर विद्यालय भवन निर्माण की अंतिम स्वीकृति दे दी गई.
मुख्यमंत्री से की निष्पक्ष जांच की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा विवादित भूमि पर निर्माण की स्वीकृति रद्द करने की मांग की है.
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