नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर दो हजार वसूली की शिकायत, सीएस ने प्रभारी और जीएनएम को लगाई फटकार

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अस्पताल में जांच करते सिविल सर्जन. | Prabhat Khabar Network

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खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतों के बाद सिविल सर्जन ने अचानक छापा मारा. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात जीएनएम को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी है.

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खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर दो हजार रुपये मांगने की शिकायत पर सिविल सर्जन ने औचक निरीक्षण किया. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात जीएनएम को कड़ी फटकार लगायी तथा व्यवस्था में सुधार की चेतावनी दी.

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शिकायतों के बाद अस्पताल पहुंचे सिविल सर्जन

गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में प्रसूता और उनके परिजनों से नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर कथित तौर पर अवैध राशि मांगने की शिकायत पिछले कई दिनों से खगड़िया के सिविल सर्जन डॉ. रामेन्द्र कुमार को मिल रही थी. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन मंगलवार को अचानक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए.

सीएस के अस्पताल पहुंचते ही परिसर में हड़कंप मच गया. उन्होंने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया और इसके बाद बारी-बारी से विभिन्न विभागों में जाकर चिकित्सकों की उपस्थिति और व्यवस्था की जानकारी ली. इसके बाद वे डिलीवरी कक्ष के समीप पहुंचे और भर्ती गर्भवती महिलाओं के पंजी का अवलोकन किया.

दो हजार रुपये मांगने की शिकायत पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान सीएस ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, अस्पताल प्रबंधक रूपक कुमार और ड्यूटी पर तैनात जीएनएम स्नेहा कुमारी को कड़ी फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर दो हजार रुपये मांगने की शिकायत बार-बार मिल रही है.

सीएस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की शिकायतों से पूरे गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल की बदनामी हो रही है. उन्होंने अस्पताल कर्मियों को ऐसी शिकायतों पर तत्काल रोक लगाने की हिदायत दी और कहा कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

रात में दवा या सामान के लिए मरीजों को नहीं करें परेशान

औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन के सामने एक और गंभीर शिकायत सामने आयी. बताया गया कि रात के समय मरीजों के परिजनों को कभी सुई खरीदने तो कभी सिलाई के लिए धागा लाने को कहा जाता है. सामान उपलब्ध नहीं कराने पर मरीज को रेफर करने की बात कहे जाने की भी शिकायत मिल रही थी.

इस पर सीएस ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि दिन में ही अस्पताल में जरूरी दवाएं, सुई और अन्य आवश्यक सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए जाएं, ताकि रात में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी नहीं हो.

सीएस ने दी अंतिम चेतावनी

सिविल सर्जन डॉ. रामेन्द्र कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है. इसके बाद शिकायत मिलने पर समझाने के बजाय सीधे कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था और शिकायतों को लेकर संबंधित अधिकारियों की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर कथित वसूली के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी.

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