गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन गोगरी में बाढ़ का संकट बरकरार, एक लाख लोग परेशान; भोजन व पशु चारे पर संकट

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रामपुर में बाढ़ के पानी से बाहर निकलते पीड़ित. | Prabhat Khabar Network

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गंगा नदी के जलस्तर में थोड़ी कमी के बावजूद गोगरी प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. आधे दर्जन से अधिक पंचायतों के करीब दो दर्जन गांवों में घरों में पानी भर गया है, जिससे एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. भोजन और पशु चारे का संकट गहरा गया है, वहीं बिजली आपूर्ति ठप रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

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गंगा नदी के जलस्तर में थोड़ी कमी आने के बावजूद गोगरी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. रामपुर से भुड़िया दियारा, गोगरी से बिन्दटोली और बौरना ढाला से गांव तक जाने वाली मुख्य सड़क समेत प्रखंड की अधिकांश मुख्य और ग्रामीण सड़कें अब भी बाढ़ के पानी में डूबी हैं. आधे दर्जन से अधिक पंचायतों के करीब दो दर्जन गांवों में घरों और आसपास पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी बनी हुई है.

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घरों में पानी, आने-जाने के लिए जान जोखिम में

बाढ़ की चपेट में करीब एक लाख की आबादी पिछले कई दिनों से प्रभावित है. सड़क और रास्तों पर पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए जोखिम उठाना पड़ रहा है. कई इलाकों में आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है.

लगातार कई दिनों से बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने अब भोजन का संकट भी गहराने लगा है. कई घरों में खाद्य सामग्री समाप्त होने के कगार पर है. वहीं, मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

बिजली बंद रहने से बढ़ी परेशानी

बाढ़ प्रभावित गांवों में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. रात के समय गांवों में अंधेरा छा जाता है. बिजली नहीं रहने के कारण मोबाइल फोन चार्ज करना भी मुश्किल हो रहा है.

कई मोबाइल कंपनियों के टावर बंद होने से लोगों का एक-दूसरे से संपर्क भी प्रभावित हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था बेहद जरूरी है, क्योंकि राहत और बचाव कार्य की सूचना इसी माध्यम से मिलती है.

सभी बाढ़ प्रभावित पंचायतों में चल रहा सामुदायिक किचन

इधर, प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित सभी पंचायतों में सामुदायिक किचन संचालित किया जा रहा है. गोगरी, बौरना, बन्नी और नगर परिषद गोगरी समेत प्रभावित पंचायतों में सुबह और शाम लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके साथ ही शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है.

गोगरी सीओ मो. आमिर हुसैन ने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग भोजन के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है.

मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और टावर चालू कराने की मांग

ग्रामीणों ने प्रत्येक पंचायत में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था कराने और बंद पड़े मोबाइल टावरों को जल्द चालू कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बाढ़ के बीच संपर्क व्यवस्था बहाल रहना राहत और बचाव कार्य के लिए बेहद जरूरी है. प्रशासन की ओर से भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.

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