मानसी के धन्ना-माधव ने 1942 में दी शहादत, तिरंगा लेकर निकले थे तो अंग्रेजों ने बरसाईं गोलियां

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धन्ना माधव स्मारक | Prabhat Khabar Network

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में खगड़िया के दो वीर सपूतों, धन्ना और माधव ने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. तिरंगा लेकर वे रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े थे, जहां अंग्रेजों ने उन पर गोलियां बरसाईं.

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मानसी (खगड़िया) : देश की आजादी के लिए मानसी प्रखंड के दो वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर खगड़िया जिले को गौरवान्वित किया. स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की चर्चा होती है तो मानसी के धन्ना-माधव का नाम आज भी गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है. वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दोनों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने से इनकार करते हुए देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया था.

बताया जाता है कि शहीद माधव मानसी प्रखंड के बख्तियारपुर गांव निवासी सूर्यनारायण सिंह के इकलौते पुत्र थे. वहीं धन्ना घरारी गांव निवासी शिवलाल मंडल के इकलौते पुत्र थे. धन्ना की शादी भी शहादत से कुछ माह पहले ही हुई थी. दोनों अपने-अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे.

तिरंगा लेकर मानसी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे आजादी के दीवाने

महात्मा गांधी के आह्वान पर वर्ष 1942 में देशभर में भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था. उस समय मानसी रेलवे स्टेशन पर अंग्रेज सिपाहियों ने शिविर बना रखा था. स्थानीय लोगों के अनुसार, चौथम थाना क्षेत्र के रोहियार गांव में अंग्रेजों का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसे स्थानीय लोगों ने नदी में बहा दिया था. इसके बाद अंग्रेज सिपाहियों ने मानसी रेलवे स्टेशन पर अपना शिविर बना लिया था.

सेवानिवृत्त शिक्षक छेदी सिंह समेत चुकती गांव के दयानंद यादव, घरारी के गणेश वर्मा तथा बख्तियारपुर गांव के जवाहर सिंह, धीरेन्द्र सिंह और ठीठर सिंह के अनुसार, अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में हाथों में तिरंगा लेकर आजादी के दीवानों का काफिला मानसी रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रहा था.

अंग्रेज सिपाहियों ने काफिले को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आजादी का सपना संजोए धन्ना और माधव के कदम नहीं रुके. काफिले को अपनी ओर बढ़ता देख अंग्रेज सिपाहियों ने गोली चला दी. गोली लगने से धन्ना और माधव वहीं शहीद हो गये.

बाल शहीदों की कुर्बानी आज भी प्रेरणा

धन्ना और माधव की शहादत को क्षेत्र के लोग आज भी गर्व से याद करते हैं. दोनों की कुर्बानी स्वतंत्रता संग्राम में मानसी क्षेत्र के योगदान की महत्वपूर्ण कहानी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों बाल शहीदों का बलिदान आज की पीढ़ी के लिए देशप्रेम और साहस की प्रेरणा देता है.

जनसहयोग से बनाया गया स्मारक

दोनों अमर शहीदों की स्मृति में मानसी रेलवे स्टेशन परिसर में जनसहयोग से स्मारक का निर्माण कराया गया. समाजसेवी विजय कुमार सिंह, छेदी प्रसाद सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, प्रेम कुमार यशवंत, अभय कुमार गुड्डु समेत अन्य लोगों के सहयोग से बने इस स्मारक पर प्रत्येक वर्ष शहादत दिवस के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित कर दोनों शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है.

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्मारक स्थल पर झंडोत्तोलन भी किया जाता है. 13 अगस्त को शहादत दिवस के अवसर पर स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. निर्माण समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अमर शहीद धन्ना-माधव को श्रद्धासुमन अर्पित करने की अपील की है.


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राजकिशोर सिंह

लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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