सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप, प्रशासन ने शुरू की जांच

Updated:
विज्ञापन

फोटो केप्सन -अतिक्रमणकारियो को मंदिर परिसर से बालु गिट्टी हटाने की चेतावनी देते पदाधिकारी। | Prabhat Khabar Network

बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है. बेलदौर प्रखंड स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर परिसर से सटी भूमि पर गिट्टी और बालू रखकर कब्जा किए जाने का आरोप है. शिकायत के बाद प्रशासन की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया.

विज्ञापन

Khagaria news : खगड़िया. सावन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है. बेलदौर प्रखंड स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर के परिसर से सटी भूमि पर गिट्टी और बालू रखकर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए मंदिर समिति ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल प्रशासन की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का स्थलीय निरीक्षण किया.

मंदिर समिति का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सावन और श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है.

मंदिर समिति ने लगाया अतिक्रमण का आरोप

मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंह समेत अन्य सदस्यों ने एक अगस्त को अनुमंडल पदाधिकारी गोगरी को आवेदन देकर आरोप लगाया कि कृष्ण कुमार झा और उनके परिजनों ने मंदिर परिसर से सटी जमीन पर गिट्टी और बालू रखकर अतिक्रमण कर लिया है.

समिति का कहना है कि इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आने-जाने में कठिनाई हो रही है और परिसर का खुला क्षेत्र संकरा होता जा रहा है.

सावन में 25 से 30 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं मंदिर

समिति के अनुसार बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र है. सावन की प्रत्येक सोमवारी को लगभग 25 से 30 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं.

श्रावणी मेला के दौरान यह संख्या और अधिक बढ़ जाती है. ऐसे में मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन आवागमन के लिए खतरा बन सकता है.

एसडीओ और एसडीपीओ ने किया स्थलीय निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंदन कुमार ठाकुर और बेलदौर के राजस्व अधिकारी सत्यनारायण झा मंदिर परिसर पहुंचे.

अधिकारियों ने विवादित स्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से संबंधित भूमि के कागजात प्रस्तुत करने को कहा. निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की स्थिति और संभावित भीड़ प्रबंधन संबंधी चुनौतियों का भी आकलन किया गया.

दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों से भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं और राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा और आवश्यकता होने पर उचित प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर समिति का कहना है कि मंदिर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है. उनका मानना है कि धार्मिक स्थल के आसपास अवैध कब्जा रहने से किसी भी बड़े आयोजन के दौरान अव्यवस्था और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण हटाने और मंदिर परिसर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है.

Khagaria news : श्रावणी मेले से पहले समाधान की उम्मीद

श्रावणी मेला जारी रहने के कारण स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है. यदि जांच शीघ्र पूरी होती है, तो मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए बेहतर व्यवस्था संभव हो सकेगी.

मंदिर समिति का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे मामलों का समय पर समाधान होना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

Also Read: Prashant Kishor Won Bankipur Seat: क्या प्रशांत किशोर की जीत ने जातिवाद मॉडल का किया सफाया? PK की स्ट्रैटेजी की चर्चा तेज

Also Read: प्रशांत किशोर की जीत के पीछे 3 रणनीतिकार कौन? जिनकी मदद से नितिन नवीन के किले को ढहाया



विज्ञापन
Amit Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Amit Kumar Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन