मनिहारी में बाढ़ से मेदिनीपुर में हाहाकार, घरों-सड़कों में घुसा पानी

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मनिहारी प्रखंड की बघार पंचायत में गंगा के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थानीय जनप्रतिनिधि राहत और बचाव कार्यों में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. कम्युनिटी किचन तक पहुंचने में हो रही दिक्कतों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई गई है.

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कटिहार : मनिहारी प्रखंड की बघार पंचायत के मेदिनीपुर गांव समेत कई वार्डों में गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है. बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है. घरों और सड़कों पर पानी फैलने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.

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कमर से ऊपर पानी, कम्युनिटी किचन तक पहुंचना मुश्किल

बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मनिहारी नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सह मुख्य पार्षद संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ लाखो यादव ने राहत और बचाव व्यवस्था पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है.

मुख्य पार्षद के अनुसार क्षेत्र में छह कम्युनिटी किचन संचालित हैं. यहां भोजन तो तैयार हो रहा है, लेकिन किचन तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग जलमग्न हैं. कई रास्तों पर कमर से अधिक पानी है. ऐसे में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भोजन लेने के लिए वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

उन्होंने प्रशासन से जलमग्न रास्तों पर तत्काल छोटी नावें चलाने की मांग की, ताकि कम्युनिटी किचन का भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा सके.

छह में सिर्फ एक केंद्र पर कर्मी मिले

राजेश कुमार उर्फ लाखो यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान छह कम्युनिटी किचन में से केवल एक केंद्र पर सहायिका और सेविका मौजूद मिलीं. उन्होंने अन्य केंद्रों पर प्रशासनिक अमले की अनुपस्थिति का आरोप लगाया.

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी जतायी चिंता

मुख्य पार्षद ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि जलजमाव के कारण महामारी का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम की तैनाती नहीं दिखी. उन्होंने ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की भी मांग की.

उन्होंने कहा कि बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठकों में व्यवस्थाओं के दुरुस्त होने का दावा किया जाता है, लेकिन आपदा के समय जमीनी स्थिति अलग नजर आती है. उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, नाव और स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल मजबूत करने की मांग की.

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