चार दिन बाद मिला भरपेट भोजन तो छलके आंसू, फटे पॉलिथीन के तंबू में गुजर रही बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

कटिहार में बाढ़ ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है. चार दिन बाद भरपेट भोजन मिलने पर बाढ़ पीड़ितों की आंखों से आंसू छलक पड़े. फटे पॉलिथीन के तंबू में बारिश के बीच गुजर बसर कर रहे ये लोग तत्काल मदद की गुहार लगा रहे हैं.

विज्ञापन

कटिहार : "चार दिन बाद आज भरपेट खाना मिला..." इतना कहते ही बाढ़ पीड़ित जोखिया देवी की आंखों से आंसू छलक पड़े. यह सिर्फ जोखिया देवी की कहानी नहीं, बल्कि अमदाबाद प्रखंड में बाढ़ की विभीषिका झेल रहे सैकड़ों परिवारों की हकीकत है.

विज्ञापन

भीषण बाढ़ के कारण प्रखंड के दर्जनों गांव जलमग्न हैं. बड़ी आबादी घर छोड़कर ऊंचे स्थानों और मुख्य सड़कों के किनारे शरण लेने को मजबूर है. कई परिवार पुराने और फटे पॉलिथीन से तंबू बनाकर बारिश के बीच किसी तरह दिन काट रहे हैं.

भूख से बच्चे भी बल मिला रहे थे राहत शिविर में मिली राहत | Prabhat Khabar Network

चार दिन बाद मिला खाना, छलक पड़े आंसू

प्रशासन की ओर से प्रखंड में करीब चार दर्जन स्थानों पर सामुदायिक रसोई शुरू की गयी है, जहां बाढ़ पीड़ितों को बना-बनाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. ऐसे में कई परिवारों के लिए यह रसोई राहत का सहारा बनी है.

हालांकि, सड़क किनारे और खुले आसमान के नीचे रह रहे परिवारों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं. पीड़ितों का कहना है कि उन्हें पॉलिथीन शीट की जरूरत है, लेकिन अब तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंची है.

फटे पॉलिथीन के तंबू में कट रही रात

मेघु टोला और जलेबी टोला के कुंती देवी, गीता देवी, श्रीकांत चौधरी समेत अन्य बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि वे करीब एक माह से बाढ़ का दंश झेल रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं.

नगर पंचायत अमदाबाद जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे परिवारों ने पुराने पॉलिथीन से छोटे-छोटे तंबू बना रखे हैं. बारिश होने पर इन तंबुओं से पानी टपकता है. पीड़ितों के मुताबिक नीचे बाढ़ का पानी और ऊपर बारिश होने से बच्चों और बुजुर्गों के साथ रहना बेहद मुश्किल हो जाता है.

भूख से बच्चे भी बल मिला रहे थे राहत शिविर में मिली राहत | Prabhat Khabar Network
ऊंचे स्थान पर तंबू गाड़कर रह रहे बाढ़ पीड़ित

ग्रामीणों का आरोप, अब तक नहीं पहुंची पॉलिथीन

ग्रामीण अशोक सिंह, बजरंगी सिंह, फूलवती देवी, प्रमिला देवी, झूमा देवी और गीता देवी ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें अब तक पॉलिथीन शीट उपलब्ध नहीं करायी गयी है. बाढ़ के साथ लगातार बारिश उनकी परेशानी और बढ़ा रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास न तो सुरक्षित आश्रय है और न ही बारिश से बचने का पर्याप्त इंतजाम. पुराने पॉलिथीन के सहारे परिवार किसी तरह दिन और रात गुजार रहे हैं.

भूख से बच्चे भी बल मिला रहे थे राहत शिविर में मिली राहत | Prabhat Khabar Network

पास में कम्युनिटी किचन, फिर भी मदद का इंतजार

पीड़ितों ने बताया कि उनके पास ही कम्युनिटी किचन शुरू किया गया है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी उनकी स्थिति देखने नहीं पहुंचा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पॉलिथीन शीट, सुरक्षित आश्रय और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है.

बाढ़ के बीच जहां सामुदायिक रसोई से भोजन मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं खुले आसमान के नीचे रह रहे परिवारों के लिए बारिश से बचाव अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन