अमदाबाद: गंगा और महानंदा के दोहरे उफान से हाहाकार, दर्जनों गांव जलमग्न; लाल निशान के पार पहुंची गंगा

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कटिहार जिले का अमदाबाद प्रखंड गंगा और महानंदा नदियों के रौद्र रूप से बुरी तरह प्रभावित है. दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से दर्जनों पंचायतें बाढ़ के पानी में घिर गई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मुख्य संपर्क सड़कों पर पानी भरने से जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. लाखों की आबादी शुद्ध पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक संसाधनों के गंभीर संकट का सामना कर रही है.

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कटिहार जिले के सीमावर्ती अमदाबाद प्रखंड में गंगा और महानंदा नदी के रौद्र रूप ने भयंकर तबाही मचा रखी है. दोनों प्रमुख नदियों के जलस्तर में चौबीसों घंटे हो रही लगातार बढ़ोत्तरी से प्रखंड के अधिकांश पंचायत बाढ़ के पानी में पूरी तरह घिर चुके हैं. मुख्य संपर्क सड़कों पर कई फीट पानी बहने के कारण प्रखंड का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग कट चुका है. बाढ़ की इस विभीषिका ने लाखों की आबादी के सामने शुद्ध पेयजल, भोजन, जलावन, शौचालय और मवेशियों के चारे का विकट संकट खड़ा कर दिया है.

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खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर बही गंगा, महानंदा में भी उछाल

केंद्रीय जल आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक गंगा और महानंदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में महानंदा नदी में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ जलस्तर 26.74 मीटर दर्ज किया गया. वहीं गंगा नदी के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर का जबर्दस्त उछाल आया है और यह 27.69 मीटर पर पहुंच गई है. गंगा नदी वर्तमान में खतरे के लाल निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे दियारा और मैदानी इलाकों में पानी का फैलाव लगातार तेज होता जा रहा है.

घर में बाढ़ का पानी, नाव से आवागमन करते लोग | Prabhat Khabar Network
घर में बाढ़ का पानी| Prabhat Khabar Network

आधा दर्जन से अधिक पंचायतें बेहाल, नए इलाकों में घुसा पानी

प्रखंड की पार दियारा, दक्षिणी करीमुल्लापुर, दुर्गापुर, भवानीपुर खट्टी, चौकिया पहाड़पुर और उत्तरी करीमुल्लापुर पंचायतें बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं. दुर्गापुर पंचायत के बालमुकुंद टोला, छबिलाल टोला, कमरुद्दीन टोला, लक्खी टोला, नारायणपुर, रामचंद टोला, वीर निताई टोला और गौरीकांत टोला जलमग्न हो चुके हैं. वहीं पार दियारा के सुबेदार टोला, कीर्ति टोला, भादू टोला, झब्बू टोला, युसूफ टोला के साथ-साथ भवानीपुर खट्टी और चौकिया पहाड़पुर के दर्जनों टोले पानी के आगोश में समा गए हैं.

बुधवारी हाट डूबा, दुकानें बंद होने से खरीदारी ठप

दुर्गापुर और भवानीपुर खट्टी पंचायत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र 'दुर्गापुर बुधवारी हाट' भी बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गया है. हाट परिसर और दुकानों के भीतर पानी भर जाने से व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं. बाजार बंद होने से आम ग्रामीणों के समक्ष रोजमर्रा की जरूरी खाद्य सामग्री जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

नावों की भारी कमी, निजी नावों पर जान जोखिम में डाल रहे लोग

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी स्तर पर पर्याप्त नावों की व्यवस्था न होने से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है. ग्रामीण अपने जरूरी कामों और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने के लिए छोटी-छोटी डेंगी और निजी नावों के सहारे उफनती धाराओं को पार करने को मजबूर हैं. इससे हर पल नौका दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

सामुदायिक रसोई और सूखा राशन वितरण की उठी मांग

गंभीर स्थिति को देखते हुए दुर्गापुर पंचायत के मुखिया गोपाल प्रसाद सिंह ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. उन्होंने प्रभावित पंचायतों के विभिन्न वार्डों में तुरंत सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू करने, विस्थापित परिवारों को पॉलीथिन शीट और सूखा राशन उपलब्ध कराने तथा आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में सरकारी नावें तैनात करने की मांग की है.

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