मनिहारी में आदिवासी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म में मेडिकल नहीं कराने पर आक्रोशित हुए आदिवासी — कहा पुलिस आरोपित से मिलकर मेडिकल कराने से बच रही – पुलिस ने कहा पीड़िता व उसके परिजन ने लिखकर दिया नहीं करायेंगे मेडिकल – भारी हंगामा के बाद सोमवार पीड़िता का कराया गया मेडिकल जांच कटिहार मनिहारी थाना क्षेत्र के एक गांव में पिछले शुक्रवार को एक आदिवासी नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी थी. मामले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही का आलम यह रहा कि नाबालिग का मेडिकल जांच तक नहीं कराया गया. नाबालिग का मेडिकल जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को आदिवासियों ने सदर अस्पताल पहुंच कर जमकर हो हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया की घटना शुक्रवार के दिन ही हुई थी. तीन दिन बाद भी पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल नहीं कराया है. इस घटना को लेकर लोगों ने सीधा सीधा आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस आरोपित को बचाना चाहती है. जिस कारण से नाबालिग का अब तक मेडिकल नहीं कराया गया है. हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को घटना हुई थी. जिसके बाद सभी चारों आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है. उसे जेल भी भेज दिया गया है. जबकि शनिवार को नाबालिग का मेडिकल के लिए सदर अस्पताल लेकर जाया गया था. जहां पर नाबालिग और उनके परिवार वालों ने लड़की का मेडिकल कराने से इनकार कर दिया था. इसको लेकर लिखित तौर पर परिवार वालों के हस्ताक्षर कॉपी अस्पताल के रिकॉर्ड में है. हालांकि इधर जब नाबालिग का मेडिकल नहीं करने की बात सामने आयी तो आदिवासी समाज के लोग उग्र हो गये और सोमवार की सुबह सदर अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया. लोगों के आक्रोश को देखते हुए नाबालिग का सोमवार को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया गया. इधर आक्रोशित भीड़ को शांत करने नगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह दलबल के साथ पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत किया. हालांकि नाबालिग का मेडिकल होने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और इस मामले में जल्द से जल्द मेडिकल रिपोर्ट सबमिट कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की. आरोपित को बचाना चाहती है पुलिस, आदिवासी परिषद पीड़ित नाबालिग की मेडिकल नहीं होने के विरोध में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के लोग सदर अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया. परिषद के युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सिनोद उरांव ने सीधा-सीधा आरोप लगाया कि पुलिस आरोपित के साथ मिलकर उन्हें बचाना चाहती है. जिस कारण से नाबालिग का अब तक मेडिकल नहीं हो पाया है. संगठन के प्रदेश सचिव हीरा उरांव ने कहा कि नाबालिग के साथ इस दरिंदगी के बाद 24 घंटे के अंदर पुलिस को मेडिकल करना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ है. इससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस अपने काम को लेकर कितना सजग है. प्रदेश सचिव हीरा उरांव ने कहा कि इस घटना के बाद पीड़ित नाबालिग को महिला हेल्पलाइन में ही रखा गया है. जहां नाबालिग डरी और सहमी हुई है. प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों ने सीधे तौर पर मांग कि की इस मामले में जो भी दोषी हो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाय. क्या है मामला मनिहार थाना क्षेत्र के एक गांव में खेत में घास काटने गयी नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ 16 मई को चार मनचलों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में मनिहारी थाना पुलिस ने लड़की के फर्द बयान पर मामला पोक्सो एक्ट के तहत केस संख्या 135/25 दर्ज करते हुए चारों लोगों की पहचान करते हुए सभी आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था. जिसमें आरोपित करीम, पियाउल आलम, कौसर आलम, रमजान शामिल है. सभी की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया है. कहते हैं मनिहारी एसडीपीओ मनिहारी एसडीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार को यह घटना घटित हुई थी. जिनके बाद सभी चारों आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. जबकि शनिवार को नाबालिग लड़की का मेडिकल कराने के लिए सदर अस्पताल भेजा गया था. जहां नाबालिग ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया. उनके परिवार वालों ने भी मेडिकल कराने से इनकार किया, जो लिखित तौर पर सदर अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज है. सोमवार को नाबालिग का मेडिकल कराया गया है. कहती है अस्पताल की महिला चिकित्सक सदर अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ सुनीता ने कहा कि मेडिकल के समय में मेरी ड्यूटी थी. नाबालिग लड़की ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया. इसके बाद लिखित तौर पर उन्होंने यह लिख कर भी दिया. उसमें उनके परिवार वालों के भी हस्ताक्षर है की मेडिकल नहीं कराना चाहते हैं.
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