कटिहार के बरारी में बाढ़ की भीषण मार: सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबी, बर्बादी से बचने के लिए आधी पकी बाली काटने को मजबूर किसान

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कटिहार के बरारी प्रखंड में आई बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है. सैकड़ों एकड़ में लगी धान की अधपकी फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है. किसान अपनी मेहनत और पूंजी बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

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कटिहार, बरारी. प्रखंड क्षेत्र में आयी भीषण बाढ़ से जहां कई इलाके जलमग्न हो गये हैं, वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल भी बर्बाद हो गयी है. अचानक खेतों में पानी भरने से किसान परेशान हैं. अधपकी धान की फसल को बचाने के लिए किसान मजदूरों की तलाश कर रहे हैं और ट्रैक्टर व नाव के सहारे फसल को खेतों से बाहर निकालने में जुटे हैं. किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी महीनों की मेहनत और पूरी पूंजी पर संकट खड़ा कर दिया है.

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भादो में तैयार होने वाली धान की फसल बाढ़ में डूबी

किसान रंजीत सिंह, रजनीश और नसीम ने बताया कि उन्होंने भारती आरपी-121 किस्म की धान की फसल लगायी थी, जो भादो माह में तैयार होने वाली थी. फसल पकने से पहले ही अचानक आयी भीषण बाढ़ ने खेतों को पूरी तरह डुबो दिया. किसानों का कहना है कि पानी में डूबने से अधपकी फसल खराब हो रही है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

अधपकी फसल काटकर नाव और ट्रैक्टर से निकाल रहे किसान

बाढ़ के पानी में डूबी धान की अधपकी फसल को बचाने के लिए किसान बाली काटकर बाहर निकालने में जुटे हैं. खेतों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं खेत से निकाली गयी फसल को ट्रैक्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है. मजदूरों की मदद से किसान दिन-रात फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

भादो में अधपकी धान की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ा. | Prabhat Khabar Network
फोटो- अधपकी धान की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ा. | Prabhat Khabar Network

दस बीघा में पांच एकड़ धान बाढ़ में बर्बाद

किसान रंजीत सिंह ने बताया कि इनाराबाड़ी काढ़ागोला में उनकी दस बीघा जमीन में धान की फसल लगी थी. इसमें करीब पांच एकड़ फसल बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गयी. किसी तरह पांच बीघा की धान की फसल काटकर बाहर निकाली गयी है, जबकि शेष फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गयी. उन्होंने बताया कि फसल बर्बाद होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.

फसल के साथ गांवों से पलायन की मजबूरी

बाढ़ की भयावह स्थिति का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है. कई गांवों में पानी फैलने के कारण ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है. किसानों और ग्रामीणों के सामने एक ओर फसल बचाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर परिवार और पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता बनी हुई है.

अंचल प्रशासन कर रहा बाढ़ की निगरानी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अंचल पदाधिकारी मनीष कुमार लगातार प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण और निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. वहीं किसानों को उम्मीद है कि फसल क्षति का आकलन कर उन्हें उचित राहत और सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.

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