कृष्ण जन्माष्टमी पर मासूम की मौत, दो बहनों का इकलौता भाई था अंश, पिता की भी बिगड़ी तबीयत

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अंश के घर पर इकठ्ठा हुए ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

रोहतास के बघिनी गांव में जन्माष्टमी के दिन एक मासूम बच्चे की कान की बाली का मोती गले में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में मातम पसर गया है।

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Kaimur News : मोहनियां थाना क्षेत्र के बघिनी गांव निवासी विमलेश यादव के पांच वर्षीय इकलौते बेटे अंश की दर्दनाक मौत हो गयी. बताया जाता है कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अंश (आर्यन) की मां और बहनों ने उसे भगवान श्रीकृष्ण के रूप में तैयार किया था. इसी दौरान कान में पहनायी गयी मोतियों की बाली को अंश ने तोड़कर निगल लिया. मोती गले में फंस जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गयी और उसकी मौत हो गयी.

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पांच वर्षों से कोचस में रहकर करते हैं मशरूम उत्पादन

परिजनों के अनुसार विमलेश यादव पिछले करीब पांच वर्षों से अपने परिवार के साथ रोहतास जिले के कोचस में रहकर मशरूम उत्पादन का कार्य करते हैं. उनका मशरूम उत्पादन का कारोबार कई जगहों पर संचालित होता है. विमलेश के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा अंश था.

मासूम की मौत के बाद होशोहवास खो बैठे माता-पिता
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दो बहनों का सबसे छोटा और इकलौता भाई था अंश

अंश की बड़ी बहन हैप्पी की उम्र आठ वर्ष और छोटी बहन शिल्पी की उम्र छह वर्ष बतायी गयी है. वहीं, दोनों बहनों से छोटा अंश परिवार का इकलौता बेटा था. पांच वर्षीय अंश माता-पिता और दोनों बहनों का दुलारा था.

अस्पताल में मासूम के इलाज के दौरान की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
अस्पताल में मासूम के इलाज के दौरान की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के रूप में तैयार किया था

परिजनों ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अंश की मां और बहनों ने मिलकर उसे भगवान श्रीकृष्ण के भेष में तैयार किया था. इस दौरान उसके कान में मोतियों की बाली पहनायी गयी थी. खेल-खेल में अंश ने बाली तोड़कर निगल ली. बाली का मोती उसके गले में फंस गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गयी.

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पांच वर्ष की उम्र में बुझ गया परिवार का इकलौता चिराग

अंश की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बताया जाता है कि तीन बच्चों के बाद विमलेश ने अपनी पत्नी का बंध्याकरण करा दिया था. परिजनों के अनुसार किसी ने नहीं सोचा था कि उनका इकलौता बेटा इतनी कम उम्र में ही उनका साथ छोड़ देगा. अंश की मौत के बाद परिवार में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और घर के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदलीं

अंश की मौत की खबर मिलते ही बघिनी गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के सभी वर्गों के लोग बड़ी संख्या में विमलेश यादव के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी. जन्माष्टमी की खुशियां देखते ही देखते परिवार के लिए मातम में बदल गयीं.

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पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

घटना के बाद अंश का शव उसके पैतृक गांव बघिनी लाया गया. शुक्रवार की देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे.

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