गंगा-कर्मनाशा के उफान से चौसा में बाढ़ का संकट गहराया, हाईवे पर तीन फीट पानी

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नाव से आते-जाते राहगीर

Buxar News : बक्सर के चौसा-मोहनियां हाईवे पर तीन फीट बाढ़ का पानी भरने से यातायात ठप हो गया है. लोग नाव के सहारे सफर करने को मजबूर हैं, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.

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Buxar News : गंगा और कर्मनाशा नदी में उफान के कारण चौसा प्रखंड में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. अखौरीपुर गोला के पास चौसा-मोहनियां हाईवे पर करीब तीन फीट तक बाढ़ का पानी चढ़ गया है. इसके बाद प्रशासन ने बैरियर लगाकर हाईवे पर सभी वाहनों का परिचालन बंद कर दिया है. अब प्रभावित गांवों में आने-जाने के लिए लोगों को प्राइवेट नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

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आठ दिनों से लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

पिछले आठ दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. खतरे के निशान को पार करने के बाद गंगा के बढ़ते दबाव का असर कर्मनाशा नदी पर भी पड़ा है और वह भी उफान पर है. इसका सबसे अधिक प्रभाव बनारपुर, सिकरौल, रोहिनीभान और जलीलपुर गांवों में देखने को मिल रहा है. इन गांवों के उत्तरी हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं.

चौसा मोहनिया हाइवे पर चढ़ा पानी
चौसा मोहनिया हाइवे पर चढ़ा पानी

बनारपुर में दर्जनों घरों में घुसा बाढ़ का पानी

बनारपुर की मल्लाह बस्ती और निषाद भवन में दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. यहां संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी पानी से घिर गया है. वहीं, सिकरौल गांव की लिंक रोड पर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.

हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद

बाढ़ के कारण खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है. गंगा और कर्मनाशा के किनारे हजारों एकड़ में लगी भिंडी, लौकी, परवल, नेनुआ, अरहर, ज्वार और धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गयी है. इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है. बाढ़ के कारण पशुओं के चारे का संकट भी उत्पन्न हो गया है.

थर्मल पावर एरिया और महाविद्यालय परिसर तक पहुंचा पानी

बाढ़ का पानी थर्मल पावर एरिया और महर्षि च्यवन महाविद्यालय परिसर तक भी पहुंच गया है. चौसा-कोचस हाईवे पर भी पानी सड़क के बराबर बह रहा है. अगले 24 घंटे में इस मार्ग पर भी पानी चढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. वाहनों को अब चौबे की छावनी-कठतर होते हुए सरेंजा मेन रोड से निकाला जा रहा है.

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सीओ ने प्रभावित गांवों का लिया जायजा

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है. अंचलाधिकारी विजय प्रकाश ने शुक्रवार को बनारपुर, सिकरौल, जलीलपुर, रोहिनीभान, तिवाय और धरमपुरा गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की पूरी तैयारी की गयी है.

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24 घंटे इमरजेंसी कंट्रोल रूम और आपदा टीम तैनात

प्रखंड परिसर में 24 घंटे इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. इसके साथ ही आपदा प्रबंधन टीम को भी तैनात किया गया है. नोडल अधिकारी लगातार नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहे हैं. प्रशासन की ओर से स्थिति के अनुसार राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाने की तैयारी की गयी है.

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