कैमूर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में जागरूकता गोष्ठी, वक्ता बोले- ‘अच्छी बेटी बनेगी तो अच्छी बहू और सास भी बनेगी’,

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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बेटी, बहू और सास के रिश्तों पर गोष्ठी का आयोजन, आपसी प्रेम और सौहार्द को परिवार की नींव बताया गया।

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Kaimur News : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, चांद में रविवार को ‘बेटी-बहू और सास’ विषय पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की वार्डन साधना वर्मा ने की. गोष्ठी में छात्राओं को परिवार में बेटी, बहू और सास के बीच रिश्तों, आपसी सम्मान, सहयोग और संवाद के महत्व की जानकारी दी गयी.

‘अच्छी बेटी बनेगी तो अच्छी बहू और सास भी बनेगी’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञान विज्ञान समिति, कैमूर के जिला सचिव बिरजू प्रसाद ने कहा कि अच्छी बेटी बनने वाली लड़की आगे चलकर अच्छी बहू और अच्छी सास भी बन सकती है. इससे परिवार और समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द का माहौल मजबूत होगा.

उन्होंने कहा कि परिवार की बुनियाद महिलाओं के आपसी संबंधों और व्यवहार से भी मजबूत होती है. यदि परिवार में बहू को बेटी की तरह सम्मान और अपनापन मिले, तो कई घरेलू समस्याओं को कम किया जा सकता है.

मायके के संस्कार ससुराल तक ले जाती है बेटी

बिरजू प्रसाद ने कहा कि बेटी जब मायके में प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी का वातावरण देखती है, तो वही संस्कार आगे चलकर अपने ससुराल में भी ले जाती है. इसी तरह सास को भी समझना चाहिए कि बहू किसी दूसरे घर से आयी लड़की भर नहीं है, बल्कि वह परिवार का नया सदस्य है.

उन्होंने कहा कि बहू को परिवार में सीखने, समझने और अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए. आपसी समझ और संवाद से रिश्तों में दूरी कम की जा सकती है.

छात्राओं ने पूछे रिश्तों से जुड़े सवाल

गोष्ठी के दौरान छात्राओं ने बेटी, बहू और सास के बीच रिश्तों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और अपने विचार भी रखे. वक्ताओं ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आपसी सम्मान, समानता, धैर्य और संवाद स्वस्थ परिवार की आधारशिला हैं.

वक्ताओं ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं को पारिवारिक रिश्तों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करते हैं. इससे वे भविष्य में परिवार और समाज में जिम्मेदार एवं सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार हो सकती हैं.

महिलाओं के सम्मान का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि परिवार में बेटियों और बहुओं के साथ समान व्यवहार किया जायेगा. साथ ही महिलाओं के सम्मान तथा आपसी प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया.


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Vikash Kumar

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By Vikash Kumar

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