औद्योगिक गलियारे के लिए उपजाऊ जमीन लेने के विरोध में किसानों की बैठक, 22 सितंबर को डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन

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धरना देते किसान | Prabhat Khabar Network

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Kaimur News : कैमूर में किसान औद्योगिक गलियारे के लिए अपनी उपजाऊ कृषि भूमि दिए जाने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. अगली रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित बैठक में 22 सितंबर को जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया.

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Kaimur News : चैनपुर प्रखंड अंतर्गत करजी गांव में रविवार, 20 सितंबर 2026 को दोपहर करीब एक बजे किसानों की विशेष बैठक आयोजित की गयी. बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा (पार्क) के लिए किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि लिये जाने के विरोध में आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करना था. बैठक की अध्यक्षता वृद्ध किसान शशिकांत चौबे ने की, जबकि संचालन बनारसी उपाध्याय ने किया.

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उपजाऊ जमीन देने के पक्ष में नहीं किसान

बैठक में किसानों ने कहा कि उनकी जमीन ही आजीविका और परिवार के भविष्य का प्रमुख आधार है. किसानों ने उपजाऊ कृषि भूमि को औद्योगिक परियोजना के लिए दिये जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपनी जमीन देने के पक्ष में नहीं हैं. इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं और आशंकाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा सामूहिक रूप से आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया.

रविशंकर सिंह ने किसानों को किया संबोधित

बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में रविशंकर सिंह ने किसानों को संबोधित किया. इसके अलावा राधेश्याम पाल, मुखिया युगल किशोर उपाध्याय, रमेश सिंह, अशोक सिंह कुशवाहा, अभिमन्यु सिंह, विनोद कुमार सिन्हा, अजय कुमार चौबे, अजय कुमार, मुन्ना शाह, सुरेंद्र राम और श्रीराम चौबे सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.

22 सितंबर को जिला पदाधिकारी को सौंपेंगे ज्ञापन

बैठक में प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि 22 सितंबर 2026 को सभी किसान एकजुट होकर जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे. किसानों ने जिला प्रशासन से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा उपजाऊ कृषि भूमि को औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहित नहीं करने का अनुरोध करने की बात कही.

लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात

किसानों ने कहा कि जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं, बल्कि खेती, रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का आधार है. उनका कहना है कि यदि परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाती है, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखेंगे तथा भूमि बचाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे.

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आत्मदाह की बात पर प्रशासन से संवाद की मांग

बैठक के दौरान कुछ किसानों ने विरोध के क्रम में आत्मदाह जैसे गंभीर कदम उठाने की बात भी कही. इस पर किसानों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से संवाद स्थापित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गयी.

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जिला मुख्यालय पहुंचकर मांगों को विस्तार से रखेंगे किसान

किसानों ने स्पष्ट किया कि 22 सितंबर को जिला मुख्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने के साथ अपनी मांगों को प्रशासन के सामने विस्तार से रखा जायेगा. बैठक में किसानों ने एकजुटता बनाये रखने और अपनी कृषि भूमि से जुड़े मुद्दे को सामूहिक रूप से उठाने का निर्णय लिया.

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