रामगढ़ में बिजली के तार पर सात दिनों से झूल रहा विशालकाय पेड़, हादसे की आशंका से लोगों में डर

Updated:
विज्ञापन

विद्युत प्रवाहित तार पर झूलता मौत का पेड़ परिसर में जड़ से धराशाई पेड़, | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Kaimur News : रामगढ़ में सात दिनों से बिजली के तार पर लटका विशालकाय पेड़ राहगीरों के लिए खतरा बना है. वन और विद्युत विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

विज्ञापन

Kaimur News : तेज आंधी-बारिश के दौरान बीआरसी परिसर की चहारदीवारी तोड़कर मुख्य सड़क पर बिजली के तार पर गिरा विशालकाय हरा पेड़ सात दिन बाद भी नहीं हटाया जा सका है. पेड़ 220 वोल्ट के कवरयुक्त बिजली तार पर झूल रहा है और इसके नीचे से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन हो रहा है. ऐसे में यदि किसी कारण से तार का कवर क्षतिग्रस्त हुआ, तो पेड़ में करंट प्रवाहित होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. बावजूद इसके विद्युत विभाग और वन विभाग की कथित उदासीनता से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है.

विज्ञापन

दुर्गा चौक से कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है यह मार्ग

दुर्गा चौक से रेफरल अस्पताल, ग्राम भारती बालिका विद्यापीठ, बीआरसी भवन, सूर्य मंदिर और गोडसरा गांव की ओर जाने वाली यह मुख्य सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है. पेड़ के बिजली तार पर झूलने के कारण बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. छोटे वाहन और पैदल राहगीर किसी तरह रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन सड़क के ऊपर झूलता पेड़ हर समय दुर्घटना की आशंका पैदा कर रहा है.

एक पेड़ हटाया, महज कुछ मीटर दूर दूसरा क्यों छोड़ा

स्थानीय लोगों के बीच सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि रेफरल अस्पताल के मुख्य गेट पर गिरा पेड़ वन विभाग की टीम ने 24 घंटे के भीतर काटकर हटा दिया, लेकिन उसी स्थान से महज कुछ मीटर की दूरी पर बिजली के तार पर झूल रहा दूसरा विशालकाय पेड़ सात दिनों से जस का तस पड़ा है. अस्पताल गेट वाला पेड़ हटाने के दौरान रेंजर समेत वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद थी. इसके बावजूद तार पर झूलता दूसरा पेड़ उनकी नजर में क्यों नहीं आया, यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

हादसे के बाद कार्रवाई का इंतजार क्यों

लोगों का कहना है कि जब जड़ से उखड़ा पेड़ बिजली के तार पर लटक रहा है, तो उसे हटाने के लिए किसी हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है. यदि तार का कवर क्षतिग्रस्त होकर पेड़ में करंट प्रवाहित हो गया और कोई राहगीर इसकी चपेट में आ गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

विद्युत प्रवाहित तार पर झूलता मौत का पेड़ परिसर में जड़ से उखड़ा पेड़ | Prabhat Khabar Network
विद्युत प्रवाहित तार पर झूलता मौत का पेड़ परिसर में जड़ से उखड़ा पेड़ | Prabhat Khabar Network

बीईओ ने दो मई को ही वन विभाग को भेजा था पत्र

पेड़ गिरने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने दो मई को वन विभाग को पत्र भेजकर बीआरसी भवन को हुए नुकसान और चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी थी. साथ ही पेड़ को हटाने का अनुरोध किया था. इसके बाद सोमवार को वन विभाग की टीम बीआरसी परिसर पहुंची. टीम ने परिसर के दो अन्य पेड़ों की कटाई तो की, लेकिन बिजली के तार पर गिरे पेड़ को यह कहते हुए काटने से इनकार कर दिया कि वह हरा है.

Also Read : मनिहारी के धुरियाही पंचायत के सभी छह वार्ड बाढ़ से प्रभावित, विधायक ने नाव से पहुंचकर लिया जायजा

हरा पेड़ होने की दलील पर उठ रहे सवाल

वन विभाग की इस दलील को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब पेड़ जड़ से उखड़कर बिजली के तार पर गिर चुका है और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है, तो केवल उसके हरे होने के कारण उसे हटाने से इनकार करना कितना उचित है. लोगों का सवाल है कि जड़ से उखड़े पेड़ को आखिर दोबारा खड़ा कर उसे जीवित तो नहीं किया जा सकता, फिर उसे हटाने में इतनी देरी क्यों की जा रही है.

बड़े वाहनों का आवागमन ठप, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी

पेड़ के झूलने से दुर्गा चौक से बालिका विद्यापीठ और सूर्य मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद है. इससे स्थानीय लोगों के साथ स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, मरीजों और अन्य राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है. सड़क पर किसी भी समय पेड़ या बिजली का तार टूटकर गिरने की आशंका से लोग भयभीत हैं.

Also Read : मुंडेश्वरी क्षेत्र के पोखर में मिला मगरमच्छ, वन विभाग ने रेस्क्यू कर करकटगढ़ में छोड़ा

बिजली आपूर्ति सुरक्षित कर पेड़ तत्काल हटाने की मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वन विभाग और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर पहले बिजली आपूर्ति को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करें और इसके बाद पेड़ को तत्काल हटाया जाये. लोगों का कहना है कि प्रशासन को हादसा होने के बाद नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले कार्रवाई करनी चाहिये.

रेंजर ने कहा- जड़ से उखड़ा है तो निश्चित रूप से हटाया जायेगा

इस संबंध में वन विभाग के रेंजर से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि पेड़ जड़ से उखड़ गया है, तो उसे निश्चित रूप से हटाया जायेगा. उन्होंने कहा कि कर्मियों से बात कर पेड़ को हटाने की कार्रवाई करायी जायेगी.

Also Read : भभुआ में एलआईसी भवन की चौथी मंजिल पर छापेमारी, भारी मात्रा में अवैध दवाएं बरामद

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन