जहानाबाद : घोसी रेफरल अस्पताल में दो माह से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का पद खाली, वेतन से लेकर विकास कार्य तक प्रभावित

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रेफरल अस्पताल घोसी | Prabhat Khabar Network

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घोसी रेफरल अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का पद खाली होने से स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन और अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।

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घोसी. रेफरल अस्पताल घोसी में पिछले दो माह से अधिक समय से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का पद खाली है. इसके कारण अस्पताल की प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के नहीं रहने से स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, जबकि अस्पताल के कई विकास कार्य भी ठप पड़े हैं.

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प्रसव योजनाओं के वित्तीय भुगतान में भी परेशानी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति नहीं होने का असर प्रसव कराने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से मिलने वाले विभिन्न योजनाओं के वित्तीय लाभ पर भी पड़ा है. इन योजनाओं के लाभुकों को मिलने वाली वित्तीय सहायता का भुगतान बाधित बताया जा रहा है.

13 स्वीकृत पदों पर सिर्फ एक एमबीबीएस चिकित्सक

रेफरल अस्पताल घोसी में चिकित्सकों के कुल 13 पद स्वीकृत हैं. वर्तमान में महज एक एमबीबीएस चिकित्सक और तीन आयुष चिकित्सकों के सहारे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है. चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है.

अस्पताल परिसर में पारा मेडिकल कॉलेज और एनआरसी भी संचालित

घोसी विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल इस अस्पताल परिसर में रेफरल अस्पताल के अलावा पारा मेडिकल कॉलेज एवं पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी का भी संचालन किया जा रहा है. अस्पताल में दो लिपिक, तीन जीएनएम और एक एएनएम कार्यरत हैं.

एंबुलेंस और ईसीजी की सुविधा, एक्स-रे का अभाव

मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में एंबुलेंस और ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है. लेकिन एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को जांच कराने के लिए निजी संस्थानों या दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है. इससे मरीजों को आर्थिक परेशानी के साथ समय की भी बर्बादी होती है.

स्थानीय लोगों ने जतायी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर घोसी जैसे महत्वपूर्ण अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है. लोगों ने अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बतायी है.

सिविल सर्जन कार्यालय को कई बार किया गया पत्राचार

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह व्ययन पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय को कई बार पत्राचार किया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गयी है. नियुक्ति नहीं होने से अस्पताल के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

वरीय अधिकारियों से नियुक्ति की मांग

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं जिलाधिकारी से रेफरल अस्पताल घोसी में शीघ्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति करने की मांग की है. साथ ही चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को भरने और एक्स-रे समेत अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.

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