जहानाबाद में प्रभारी सचिव आशिमा जैन ने की मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, जारी हुए 24×7 हेल्पलाइन नंबर

समीक्षा करते अधिकारी
Jehanabad News: जहानाबाद की प्रभारी सचिव डॉ. आशिमा जैन ने समाहरणालय में विभिन्न विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर बाढ़, सुखाड़, हीटवेव और पेयजल व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की. पेयजल संकट या खराब चापाकल की शिकायत के लिए जिला प्रशासन द्वारा 24 घंटे चालू रहने वाले हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.
Jehanabad News: (संजय अनुराग की रिपोर्ट) बिहार राजस्व परिषद की अपर सदस्य सह जहानाबाद जिले की प्रभारी सचिव डॉ. आशिमा जैन ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में संभावित बाढ़, सुखाड़, हीटवेव (लू) और जिले की पेयजल व्यवस्था से निपटने के लिए की जा रही पूर्व तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया. प्रभारी सचिव ने जिला आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, मनरेगा, पीएचईडी (PHED) और स्वास्थ्य समेत सभी तकनीकी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मानसून के आगमन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं.
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा जिले में लगाए गए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) के आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश और मौसम से जुड़े आंकड़ों को जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और बीडीओ आपसी समन्वय बनाकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक आम जनता के बीच प्रसारित करें ताकि लोग सतर्क रह सकें.
पेयजल संकट पर सख्त निर्देश: 12 हजार से अधिक चापाकलों की होगी जांच
जिले में गहराते पेयजल संकट और पीएचईडी विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि जिले में कुल 12,127 चापाकल और 1230 हर घर नल योजनाएं संचालित हैं.
- उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कर्मियों को फील्ड में उतारकर सभी चापाकलों की भौतिक जांच कराई जाए.
- जो भी चापाकल मामूली गड़बड़ी के कारण बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत मिस्त्री भेजकर ठीक कराया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार न मचे.
- शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति को रोकने के लिए नगर विकास विभाग को मानसून से पहले सभी नालों की उड़ाही (सफाई) का काम शत-प्रतिशत पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है.
पानी की समस्या होने पर यहाँ करें शिकायत (24×7 कंट्रोल रूम)
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे (24×7) सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. खराब चापाकल या पानी की किल्लत होने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है: जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC): 9431805088, 06114-295072, 06114-295071, अनुमंडल स्तरीय नियंत्रण कक्ष: 06114-223013
कटाव निरोधक कार्य और मनरेगा की 475 योजनाओं पर विशेष नजर
जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. आशिमा जैन ने संवेदनशील स्थलों और नहरों की स्थिति जानी. उन्होंने निर्देश दिया कि नदियों और नहरों के किनारे जारी सभी कटाव निरोधक कार्य मानसून से पहले हर हाल में पूरे हो जाने चाहिए. इसकी जांच के लिए वरीय अधिकारियों को रैंडम फील्ड विजिट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बताया गया कि सुखाड़ जैसी आपात स्थिति से निपटने और स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के लिए मनरेगा के तहत 475 योजनाएं तैयार हैं. इसके साथ ही 121 जल संरक्षण योजनाओं और जिले के 2166 जलाशयों (पोखरों/तालाबों) के पुनर्जीवन का कार्य तेजी से किया जा रहा है. प्रभारी सचिव ने उप विकास आयुक्त (DDC) को इन सभी जल संरक्षण योजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता की औचक जांच करने का निर्देश दिया.
आपसी समन्वय से काम करें सभी विभाग: आशिमा जैन
प्रभारी सचिव ने बैठक के अंत में कहा कि आपदा प्रबंधन एक संवेदनशील विषय है, इसलिए सभी विभाग अपने निर्धारित एसओपी के अनुसार आपसी तालमेल बनाकर काम करें. फील्ड में जाकर जमीनी स्तर पर काम का अनुश्रवण करना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित एक्शन लिया जा सके.
इस महत्वपूर्ण बैठक में जहानाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भौतिक रूप से मौजूद रहे, जबकि सभी प्रखंडों के बीडीओ और अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे.
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By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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