जीविका दीदियों ने लॉकडाउन के दौरान लिखी नयी कहानी, अब मैनेजमेंट के गुर सीखने दूर-दूर से आ रहे अधिकारी

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इस कारोबार की नींव डालने वाली किरण देवी कहती हैं कि पिछले आठ सालों के सफर में काफी उतार-चढ़ाव आये लेकिन बुलंद इरादों के बलबूते वह आगे बढ़ती चली गयी.

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ढोकवा (धमदाहा). कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में जहां एक तरफ तमाम कारोबार ठप हो गये थे वहीं पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल के एक छोटे से गांव में जीविका की दीदियां अपने कारोबार को रफ्तार देकर बिजनेस मैनेजमेंट की नयी कहानियां लिख रही थीं.

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करीब 11 साल पूर्व जब गांव की कुछ महिलाओं ने मक्का की खरीद-बिक्री का कारोबार शुरू किया था तब किसी को पता नहीं था कि यह कारोबार इतना बड़ा हो जायेगा कि उसके लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनानी पड़ेगी.

आज इस कारोबार का ट्रांजिक्शन 20 करोड़ के आसपास पहुंच गयी है. इस कंपनी में पांच हजार से अधिक महिलाएं शेयरधारी हैं. हजारों मैट्रिक टन मक्का की खरीद-बिक्री के लिए कई जगह गोदाम हैं.

देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ इस कंपनी का ऑनलाइन कारोबार होता है. आज मुनाफे की इस कंपनी के बिजनेस मैनेजमेंट के गुर सीखने के लिए दूर-दूर से कंपनी के अधिकारी यहां आ रहे हैं.

पहली बार 2014-15 में एक हजार मैट्रिक टन मक्का की खरीद की गयी. इस साल दो लाख रुपये मुनाफा हुआ. समूह से जुड़ी सारी महिलाओं को बोनस के रूप में पैसे दिये गये.

इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ वह अभी तक बरकरार है. 2016-17 में 1014, 2017-18 में 13944, 2018-19 में 5576, 2019-20 में 1201 और 2020-21 में 2004 मीट्रिक टन मक्का का कारोबार किया गया.

इस कारोबार की नींव डालने वाली किरण देवी कहती हैं कि पिछले आठ सालों के सफर में काफी उतार-चढ़ाव आये लेकिन बुलंद इरादों के बलबूते वह आगे बढ़ती चली गयी.

Posted by Ashish Jha

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