जमुई में एसएसबी 16वीं वाहिनी का ग्रीन अभियान: खैरा के जतहर में रोपे गए आम, सागवान और महोगनी के पौधे
कार्यक्रम में मौजूद एसएसबी जवान एवं अन्य लोग | Prabhat Khabar Network
सशस्त्र सीमा बल ने जतहर गांव में 100 पौधों का रोपण किया. इस अभियान में जवानों के साथ ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. निरीक्षक पंकज कुमार ने स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण के महत्व पर जोर दिया.
Jamui News: बिहार के जमुई जिले अंतर्गत खैरा क्षेत्र का जतहर गांव सोमवार को एक ऐसे ही अलौकिक दृश्य का साक्षी बना. जहां देश के रक्षक कहे जाने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मिट्टी से नाता जोड़ा और हरियाली की एक नई इबारत लिख डाली. जब गोलियों की गूंज सुनने वाले जवानों के होठों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश निकला, तो गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक का दिल पसीज गया.
100 पौधों का रोपण और भविष्य की सांसों का जतन
जतहर गांव में आयोजित इस विशेष पौधरोपण अभियान के तहत सागवान, आम, नींबू और महोगनी जैसे फलदार व छायादार 100 पौधे रोपे गए. एसएसबी की 16वीं वाहिनी के ए समवाय द्वारा चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में तेजी से घटते हरित आवरण को बचाना था. कार्यवाहक कमांडेंट द्वितीय कमान अधिकारी बांके बिहारी के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू हुए इस अभियान ने गांव के आम जनजीवन में एक नई चेतना जगाने का काम किया. जवानों और ग्रामीणों ने हाथों में पौधे थामकर यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों को सिर्फ रोपकर नहीं छोड़ेंगे बल्कि एक अभिभावक की तरह इनकी देखभाल करेंगे.
'प्रकृति बिना मानव जीवन अधूरा': निरीक्षक पंकज कुमार का भावुक संदेश
ए समवाय के प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार के नेतृत्व में जब यह कार्यक्रम आगे बढ़ा, तो उनके शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स को सोचने पर मजबूर कर दिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निरीक्षक पंकज कुमार ने कहा कि एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना करना भी बेमानी है. आज जिस तरह से मौसम का मिजाज बदल रहा है और तपिश बढ़ रही है, उसमें पेड़ों की अहमियत और अधिक बढ़ जाती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, भूमि और पहाड़ प्रकृति की कोई साधारण वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं.
केवल सरकारी जिम्मा नहीं, समाज का कर्तव्य है हरियाली
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी स्तर पर चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियान कागजों तक सिमट कर रह जाते हैं या पौधे लगने के बाद देखभाल के अभाव में सूख जाते हैं. इसी मानवीय पहलू को छूते हुए निरीक्षक पंकज कुमार ने ग्रामीणों से सीधी अपील की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना केवल सरकारी विभागों या सुरक्षा बलों जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है. यह समाज के प्रत्येक नागरिक का पहला कर्तव्य है. जब तक हर घर और हर व्यक्ति एक-एक पौधे को बचाने का बीड़ा नहीं उठाएगा, तब तक पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना संभव नहीं होगा.
Jamui News: जवानों और ग्रामीणों का अनोखा संगम, जमुई में नई मिसाल
इस अभियान का सबसे खूबसूरत पहलू एसएसबी जवानों और जतहर गांव के स्थानीय निवासियों के बीच का आत्मीय संबंध रहा. वर्दीधारी जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ग्रामीणों ने गड्ढे खोदे, मिट्टी डाली और पानी का छिड़काव किया. आम तौर पर सुरक्षा बलों को लोग केवल कानून-व्यवस्था या सीमाओं की सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं, लेकिन खैरा के इस दूर-दराज गांव में एसएसबी ने सामाजिक सरोकार की जो मिसाल पेश की है, उसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. इस सांझा प्रयास से न केवल 100 नए पौधों का जीवन शुरू हुआ, बल्कि गांव में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच विश्वास की नींव भी और मजबूत हुई.
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