गिद्धौर में संत रविदास की 650वीं जयंती पर निकली भव्य कलश यात्रा, समरसता का दिया संदेश

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फोटो कैप्शन : श्री गुरु संत रविदास की 650 वीं जयंती पर गिद्धौर में निकाली गई कलश यात्रा | Prabhat Khabar Network

गिद्धौर प्रखंड में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा ने सामाजिक समानता, भाईचारे और एकजुटता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

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Sant Ravidas Jayanti: जमुई के गिद्धौर प्रखंड में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के तहत भव्य कलश यात्रा निकाली गई. प्रखंड मुख्यालय से शुरू हुई यात्रा गिद्धौर बाजार के लार्ड मिंटो टॉवर चौक सहित विभिन्न मार्गों से गुजरी. कलश और बैनर-पोस्टर लेकर सैकड़ों अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के महिला-पुरुषों और स्कूली बच्चों ने भाग लिया. संत रविदास के भजनों और जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा. आयोजन के माध्यम से सामाजिक समानता, भाईचारे और एकजुटता का संदेश दिया गया.

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प्रखंड मुख्यालय से शुरू हुई कलश यात्रा

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार के तत्वावधान में आयोजित कलश यात्रा की शुरुआत गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय से हुई. यात्रा लार्ड मिंटो टॉवर चौक से होते हुए पूरे गिद्धौर बाजार का भ्रमण कर आगे बढ़ी. हाथों में कलश और बैनर-पोस्टर लेकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए.

भजनों और जयकारों से गूंजता रहा इलाका

कलश यात्रा के दौरान संत रविदास के भजनों और "जय गुरु रविदास" के नारों से पूरा बाजार गुंजायमान रहा. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के महिला-पुरुषों के साथ स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. यात्रा के दौरान लोगों में संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को लेकर उत्साह देखने को मिला.

समरसता और समानता का दिया संदेश

कलश यात्रा का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा. इस दौरान प्रखंड कल्याण सह प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी नीलेश कुमार ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समता, भाईचारे और कर्म का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि समरसता संकल्प अभियान के जरिए लोगों को संत रविदास के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है. अभियान का उद्देश्य सामाजिक भेदभाव को दूर कर आपसी भाईचारा और एकजुटता को मजबूत करना है.

टोला सेवक और विकास मित्र भी हुए शामिल

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में टोला सेवक, विकास मित्र, जीविका दीदी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के महिला-पुरुष तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने संत रविदास के विचारों को समाज में आगे बढ़ाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया.

आयोजन से सामाजिक भाईचारे को मिलेगा बल

Sant Ravidas Jayanti: मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में समानता, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है. संत रविदास के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं.


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कुमार सौरभ

लेखक के बारे में

By कुमार सौरभ

कुमार सौरभ प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गिद्धौर (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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