हजारों यात्रियों वाला गिद्धौर स्टेशन, बंद शौचालय और जर्जर वेटिंग हॉल से बढ़ी परेशानी
गिद्धौर रेलवे स्टेशन
गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर हजारों यात्री हर दिन सफर करते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. बंद शौचालय, अपर्याप्त पेयजल और जर्जर वेटिंग हॉल यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. स्थानीय लोग सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं.
जमुई के गिद्धौर रेलवे स्टेशन से हर दिन हजारों यात्री पटना, हावड़ा, रांची, टाटा और देवघर समेत कई प्रमुख शहरों के लिए रेल यात्रा करते हैं. दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन के किऊल-झाझा रेलखंड पर स्थित यह स्टेशन स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है. इसके बावजूद यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर कई मूलभूत यात्री सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. बंद सार्वजनिक शौचालय, पेयजल की सीमित व्यवस्था, जर्जर वेटिंग हॉल और आरक्षण काउंटर की अनुपलब्धता यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन से नियमित रूप से बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और इससे रेलवे को राजस्व भी प्राप्त होता है. ऐसे में यात्री सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं होने को लेकर लोगों में नाराजगी है.
प्लेटफॉर्म पर शौचालय बंद, महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
गिद्धौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर बने सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. यात्रियों के अनुसार एक प्लेटफॉर्म पर बने शौचालय में ताला लगा हुआ है, जबकि डाउन प्लेटफॉर्म की ओर बने शौचालय में दरवाजा नहीं होने के साथ सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है. अप लाइन वाले प्लेटफॉर्म का पे एंड यूज शौचालय टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण बंद बताया जा रहा है. ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ खासकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
डाउन प्लेटफॉर्म पर पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं
यात्रियों ने स्टेशन के डाउन प्लेटफॉर्म पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है. गर्मी और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा महत्वपूर्ण होती है. लोगों का कहना है कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को बेहतर किए जाने की जरूरत है.
ग्रामीणों का कहना है कि यात्रियों को कई बार बाहर से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ता है. हालांकि, स्टेशन पर उपलब्ध मौजूदा सुविधाओं और उनकी स्थिति को लेकर रेलवे की ओर से आधिकारिक निरीक्षण या विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है.
आरक्षण काउंटर की मांग वर्षों से, रिजर्वेशन के लिए जाना पड़ता है जमुई या झाझा
गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर आरक्षण काउंटर शुरू करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है. स्थानीय रेल यात्री, बुद्धिजीवी और ग्रामीण कई बार सांसद, मंत्री और रेल अधिकारियों के समक्ष यह मांग उठा चुके हैं.
यात्रियों के अनुसार स्टेशन पर रिजर्वेशन सुविधा नहीं होने के कारण आरक्षित टिकट के लिए उन्हें जमुई या झाझा जाना पड़ता है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों का अतिरिक्त समय और खर्च होता है. लोगों का कहना है कि यदि गिद्धौर स्टेशन पर आरक्षण काउंटर की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो आसपास के कई गांवों के यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है.
वेटिंग हॉल की छत में सीलन, यात्रियों के सामने असुविधा
प्लेटफॉर्म नंबर एक स्थित रेल प्रतीक्षालय यानी वेटिंग हॉल की स्थिति को लेकर भी यात्रियों ने सवाल उठाए हैं. यात्रियों के अनुसार हॉल की छत में सीलन के कारण पानी टपकने की समस्या रहती है. साथ ही छत की स्थिति को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है.
लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय महत्वपूर्ण सुविधा है. ऐसे में लोगों ने रेल प्रबंधन से इसकी मरम्मत और नियमित रखरखाव कराने की मांग की है.
शाम होते ही स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर उठती हैं चिंताएं
स्थानीय यात्रियों के अनुसार शाम के बाद स्टेशन परिसर अपेक्षाकृत सुनसान हो जाता है. सुरक्षा बलों की नियमित मौजूदगी नहीं होने का दावा करते हुए लोगों ने असामाजिक तत्वों के जमावड़े की आशंका भी जताई है. यात्रियों का कहना है कि रात में ट्रेन का इंतजार करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और अकेले यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर नियमित सुरक्षा व्यवस्था भरोसा बढ़ा सकती है.
शिकायत के बाद भी आश्वासन तक सीमित रहने का यात्रियों का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन की विभिन्न समस्याओं को लेकर स्टेशन प्रबंधक डीके चौधरी और वरीय रेल अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई है. यात्रियों के अनुसार शिकायतों के बाद सुधार का आश्वासन तो मिलता है, लेकिन कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. लोगों ने रेल प्रबंधन से स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं की स्थिति का आकलन कराने और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है.
स्टेशन प्रबंधक बोले, टेंडर प्रक्रिया में है पे एंड यूज शौचालय
समस्याओं को लेकर स्टेशन प्रबंधक डीके चौधरी ने बताया कि संबंधित शौचालय पे एंड यूज श्रेणी का है और इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही स्टेशन पर बेहतर यात्री सुविधाएं बहाल होंगी. स्टेशन प्रबंधन यात्री सुविधाओं को लेकर गंभीर है. अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि शौचालय की टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होती है और स्टेशन की अन्य समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है. आरक्षण काउंटर, पेयजल, प्रतीक्षालय और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को लेकर भी स्थानीय लोगों को रेल प्रबंधन से ठोस पहल की उम्मीद है.
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