एक आधार नंबर, दो अलग पहचान: जमुई में उजागर हुआ आधार कार्ड का बड़ा झोल, 2 साल से भटक रहे परिजन
फोटो एक ही आधार नंबर पर सोनम और आलिया का जारी आधार कार्ड | Prabhat Khabar Network
जमुई में आधार सिस्टम की गड़बड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही आधार नंबर पर दो अलग-अलग बच्चियों के नाम दर्ज पाए गए हैं. इस चूक के कारण एक बच्ची का स्कूल में नामांकन भी अटक गया है, जिससे परिवार परेशान है.
जमुई, बरहट: सरकारी पहचान व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले आधार सिस्टम में कथित गड़बड़ी का एक मामला सामने आया है. बरहट प्रखंड के भोजहा गांव की आलिया कुमारी और लक्ष्मीपुर प्रखंड के रामानी पहाड़ी टोला की सोनम कुमारी के रिकॉर्ड में एक ही आधार नंबर दिखाई देने का दावा किया गया है. परिजनों के अनुसार, सोनम का आधार बनवाने के लिए वर्ष 2024 में आवेदन किया गया था, लेकिन काफी समय बाद भी उसका आधार कार्ड जारी नहीं हुआ. जब परिवार ने साइबर कैफे से आधार की स्थिति की जांच कराई, तो कथित तौर पर उसी नंबर पर दूसरी बच्ची का नाम दर्ज मिला. इस गड़बड़ी के कारण सोनम का स्कूल में नामांकन भी प्रभावित होने की बात सामने आई है.
आधार बनवाने के लिए आवेदन, फिर भी नहीं मिला कार्ड
लक्ष्मीपुर प्रखंड के रामानी पहाड़ी टोला निवासी फंटूश गोस्वामी की पुत्री सोनम कुमारी के परिजनों के अनुसार, वर्ष 2024 में प्रखंड कार्यालय स्थित आधार कार्ड सेंटर से बच्ची के आधार के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया था. आवेदन के बाद मिली रिसीविंग भी परिवार के पास सुरक्षित होने की बात कही गई है.
परिवार को उम्मीद थी कि कुछ समय बाद सोनम का आधार कार्ड जारी हो जाएगा. लेकिन काफी इंतजार के बाद भी आधार कार्ड नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने मटिया बाजार स्थित एक साइबर कैफे में आधार की स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया.
ऑनलाइन जांच में सामने आई हैरान करने वाली जानकारी
परिजनों का कहना है कि आधार की स्थिति की जांच के दौरान उन्हें ऐसी जानकारी मिली, जिससे वे हैरान रह गए. उनके अनुसार, साइबर कैफे संचालक ने बताया कि सोनम से संबंधित आधार नंबर पर पहले से बरहट प्रखंड के भोजहा गांव निवासी उदय कुमार की पुत्री आलिया कुमारी का रिकॉर्ड दर्ज है.
परिजनों के मुताबिक, संबंधित आधार विवरण डाउनलोड करने पर उसमें सोनम कुमारी की जगह आलिया कुमारी का नाम दिखाई दिया. रिकॉर्ड में जन्मतिथि 01.01.2019 दर्ज होने की बात भी सामने आई है. परिवार का दावा है कि रिकॉर्ड में नाम और पता भी सोनम के विवरण से अलग है.
एक नंबर, दो नाम की बात ने खड़े किए कई सवाल
मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल आधार रिकॉर्ड में कथित तौर पर एक ही नंबर दो अलग-अलग बच्चियों से जुड़े दिखाई देने को लेकर है. परिवार जानना चाहता है कि सोनम के आधार आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उसका रिकॉर्ड सही तरीके से क्यों नहीं बन सका.
परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की तकनीकी और दस्तावेजी जांच की जाए. जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि आवेदन प्रक्रिया, डेटा एंट्री, सत्यापन या रिकॉर्ड अपडेट के दौरान आखिर कहां गड़बड़ी हुई.
सिस्टम की कथित चूक का असर बच्ची की पढ़ाई पर
इस पूरे मामले का सीधा असर सोनम की पढ़ाई पर पड़ने की बात कही जा रही है. परिजनों के अनुसार, जब वे बच्ची का नाम सरकारी स्कूल में लिखाने पहुंचे, तब आधार से संबंधित विवरण सही नहीं मिलने के कारण उसका नामांकन नहीं हो सका. परिवार के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि आधार का इस्तेमाल स्कूल नामांकन समेत कई सरकारी सेवाओं और योजनाओं में पहचान संबंधी दस्तावेज के तौर पर किया जाता है. ऐसे में बच्ची का सही आधार विवरण उपलब्ध नहीं होने से उसकी शिक्षा और अन्य सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
आधार केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं निकला रास्ता
परिजनों का कहना है कि समस्या सामने आने के बाद उन्होंने समाधान के लिए कई स्तरों पर प्रयास किया. परिवार बरहट प्रखंड कार्यालय स्थित आधार सेंटर के अलावा अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित आधार केंद्र भी पहुंचा. संबंधित पदाधिकारियों को मामले की जानकारी देने और आधार रिकॉर्ड में सुधार कराने का प्रयास करने के बावजूद अब तक सोनम का सही आधार कार्ड जारी नहीं होने का दावा किया गया है. परिवार का कहना है कि आवेदन की रिसीविंग होने के बावजूद दो साल से अधिक समय से वे समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं.
परिवार ने की रिकॉर्ड की पूरी जांच की मांग
सोनम के परिजनों ने मांग की है कि आधार रिकॉर्ड की पूरी जांच कर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए. परिवार यह भी चाहता है कि बच्ची के लिए सही आधार पहचान जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि स्कूल में उसका नामांकन हो सके और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न आए. परिजनों के मुताबिक, मामला केवल एक आधार कार्ड तक सीमित नहीं है. यदि एक ही आधार नंबर पर दो अलग-अलग नाम और पते दिखाई देने की बात जांच में सही पाई जाती है, तो यह डेटा सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा.
आखिर कहां हुई चूक, जांच से होगा साफ
मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर एक ही आधार नंबर दो बच्चियों के रिकॉर्ड से कैसे जुड़ा दिखाई दिया. यह भी स्पष्ट नहीं है कि इसमें आवेदन प्रक्रिया, डेटा एंट्री, दस्तावेज सत्यापन या किसी अन्य स्तर पर तकनीकी समस्या हुई है या नहीं. इन सवालों का जवाब संबंधित रिकॉर्ड की आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा. फिलहाल परिवार सही आधार कार्ड जारी कराने और बच्ची की पढ़ाई में आ रही बाधा दूर होने का इंतजार कर रहा है.
कहते हैं पदाधिकारी
मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार मिस्त्री ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि मामले से संबंधित लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो इसकी जांच-पड़ताल कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी. अब परिवार की नजर इस बात पर है कि लिखित शिकायत के बाद मामले की जांच किस स्तर पर होती है और सोनम की आधार पहचान को सही कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
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