बिहार का जमालपुर बनेगा भारतीय रेल का हाई स्पीड ट्रेनिंग हब, वंदे भारत के लोको पायलटों को मिल रही एडवांस ट्रेनिंग

इरिमी की तस्वीर
Bihar News: भारतीय रेलवे हाई स्पीड ट्रेनों के भविष्य की तैयारी में बिहार के जमालपुर को बड़ी जिम्मेदारी देने जा रहा है. यहां स्थित 138 साल पुराने इरिमी संस्थान को हाई स्पीड रेल संचालन और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.
Bihar News: भारतीय रेल हाई स्पीड ट्रेनों के भविष्य की तैयारी में जुटी है और इस मिशन में बिहार का जमालपुर अहम भूमिका निभा रहा है. 138 साल पुराने इंडियन रेलवे इंस्टिट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) को अब हाई स्पीड रेल संचालन और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.
वंदे भारत के लिए मिल रही अत्याधुनिक ट्रेनिंग
इरिमी में वंदे भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए लोको पायलटों और वरिष्ठ इंजीनियरों को आधुनिक सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण का मकसद ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय गलतियों को कम करना और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है.
क्यों बढ़ रही है इरिमी की अहमियत?
रेलवे का मानना है कि आने वाले समय में हाई स्पीड रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा. ऐसे में सिम्युलेटर बेस्ड ट्रेनिंग बेहद जरूरी होगा. यही वजह है कि जमालपुर स्थित इरिमी को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है. अब यह केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय रेल की तकनीकी क्षमता बढ़ाने वाला रणनीतिक केंद्र बनता जा रहा है.
सुरक्षित परिचालन पर सबसे ज्यादा जोर
देश में इस समय करीब 1.15 से 1.20 लाख लोको पायलट कार्यरत हैं, जबकि लगभग 27 हजार पद खाली हैं. बढ़ती ट्रेनों और उनकी रफ्तार के बीच सुरक्षित संचालन रेलवे की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है. इरिमी में लोको पायलटों को आपातकालीन परिस्थितियों में फैसले लेने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और सुरक्षित संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
50 हजार से ज्यादा इंजीनियर हो चुके हैं प्रशिक्षित
साल 1888 में स्थापित इरिमी अब तक करीब 50 हजार इंजीनियरों को प्रशिक्षित कर चुका है. अब यहां पारंपरिक ट्रेनिंग के साथ वेल्डिंग, हाइड्रोलिक्स, न्यूमैटिक्स, मेकाट्रानिक्स, डिजिटल सिस्टम और आधुनिक मेंटेनेंस तकनीकों पर भी विशेष पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं.
350 करोड़ की परियोजनाओं पर चल रहा काम
रेल मंत्रालय इरिमी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (यातायात) देवेंद्र कुमार भी हालिया दौरे में यहां चल रहे कार्यों की सराहना कर चुके हैं. रेल मंत्रालय की ओर से स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम जारी है. इससे प्रशिक्षण सुविधाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं और अनुसंधान ढांचा पहले से अधिक मजबूत होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिनंदन पांडेय
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










