बिहार के इस जिले में स्वास्थ सुविधा नदारद, हर महीने चली जाती है दो से चार प्रसूता की जान

Updated at : 01 Oct 2020 12:13 PM (IST)
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बिहार के इस जिले में स्वास्थ सुविधा नदारद, हर महीने चली जाती है दो से चार प्रसूता की जान

अररिया : जिले में बेहतर स्वास्थ सुविधा देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जाता है. जिसका फायदा जिले में अवैध नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर वाले धड़ल्ले से उठा रहे हैं.

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अररिया : जिले में बेहतर स्वास्थ सुविधा देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जाता है. जिसका फायदा जिले में अवैध नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर वाले धड़ल्ले से उठा रहे हैं. जिले में गरीब मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है. स्वास्थ्य प्रशासन सरकारी व्यवस्था ठीक करने में असफल साबित हो रही है.

वहीं पूंजीपतियों अवैध नर्सिंग होम पर खुद स्वास्थ्य प्रशासन भी मेहरबान हैं. वहीं लगभग एक वर्ष पूर्व डीएम के आदेश के बावजूद अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई नहीं होने से अवैध नर्सिंग होम का बोल-बाला है. पूरे जिला भर में सैकड़ों इन दिनों गैर मानक संचालित अल्ट्रासाउंड, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी का बोल-बाला है.

गैर मानक संचालित नर्सिंग होम आदि पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह विफल साबित होता दिख रहा है. इतना ही नहीं जानकार बताते हैं कि गैर मानक संचालित नर्सिंग होम आदि पर शिकंजा नहीं कसना मिली भगत होने की बात का संकेत जाहिर होता है. जबकि गैर मानक संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड आदि को शिकंजा कसने के लिए जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ विभाग को पत्र भेजा था.

जिसमें कहा गया था कि गैर मानक संचालित नर्सिंग होम, आदि को बंद कराया जाये. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में काम कर रहे झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा था. लेकिन अब तक स्वास्थ विभाग की तरफ से गैर संचालित पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है. इस कारण जिले में जानकार स्वास्थ विभाग के रवैया के उपर तरह-तरह की बात कर रही है. जबकि जिले में संचालित अवैध नर्सिंग होम आधी जगहों पर मरीजों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

बुधवार को शहर के निजी नर्सिंग होम में प्रसूता महिला की इलाज के दौरान मौत हो गयी. जबकि इससे यह साबित हो रहा है कि जिले में धड़ल्ले से अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहा है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन सभी पर कार्रवाई करने में बौना साबित हो रहे हैं. बताया जाता है कि कहीं ना कहीं स्वास्थ्य पदाधिकारी व कर्मीगण की मिलीभगत से इस तरह की अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहा है. जिस कारण स्वास्थ विभाग के सामने ही कई अवैध नर्सिंग होम चल रहे हैं. लेकिन कारवाई करने पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं.

इस संबंध में सीएस डॉ रुप नारायण कुमार ने कहा कि अवैध नर्सिंग होम में महिला की मौत हुई है. इसको लेकर जबाव- तलब किया गया है. चुनाव को लेकर थोड़ी व्यस्तता है. अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी को बंद कराने के लिए नई रणनीति के साथ किया जायेगा. क्योंकि मरीजों को जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का किसी को अधिकार नहीं है.

posted by ashish jha

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