नगर परिषद के गंदे पानी से किरकिचिया में फसलें तबाह, ग्रामीणों और किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी

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नाराजगी जताई किरकिचिया पंचायत के किसान. | Prabhat Khabar Network

नाराजगी जताते किरकिचिया पंचायत के किसान. | Prabhat Khabar Network

अररिया जिले के फारबिसगंज नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पानी ने किरकिचिया पंचायत के किसानों और ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है. जलजमाव से फसलें बर्बाद हो रही हैं और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन की उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है.

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अररिया जिले के फारबिसगंज नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न नालों का दूषित और गंदा पानी लगातार किरकिचिया पंचायत के खेतों और रिहायशी आबादी वाले इलाकों में फैल रहा है, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का जीवन नारकीय बन गया है. जलजमाव के कारण धान और मक्का जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं. इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान को लेकर रविवार को वरिष्ठ किसान अनिल ठाकुर की अध्यक्षता में ग्रामीणों व किसानों की एक आपात बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई.

डीएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल, रखी जाएंगी मुख्य मांगें

बैठक का संचालन पूर्व मुखिया शमीम अहमद ने किया. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही अररिया के जिला अधिकारी (DM) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा:

  • स्थायी ड्रेनेज सिस्टम: नगर परिषद के गंदे पानी की निकासी के लिए पक्के और बड़े नाले (ड्रेनेज) का निर्माण कराया जाए.
  • खेतों को जलजमाव मुक्त करना: किरकिचिया पंचायत के जलमग्न खेतों से तुरंत पानी निकालने का प्रबंध हो.
  • फसल क्षति मुआवजा: जलजमाव से प्रभावित किसानों की बर्बाद फसलों का प्रशासनिक आकलन कराकर उचित मुआवजा दिया जाए.

बदबू, मच्छर और संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि नगर परिषद के नालों का बदबूदार पानी गांव की गलियों और मुख्य सड़कों पर जमा रहता है:

  • सड़कें बनीं तालाब: हल्की बारिश होते ही फारबिसगंज शहर और किरकिचिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है.
  • स्वास्थ्य पर संकट: जगह-जगह गंदा पानी ठहरने से मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों (Infectious Diseases) के फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है.

कई बार आवेदन देने के बाद भी बेपरवाह रहा प्रशासन

किसानों का आरोप है कि इस विकराल समस्या को लेकर पूर्व में अनुमंडल अधिकारी (SDO), नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी (EO) और मुख्य पार्षद को कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अधिकारियों की बेपरवाही के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती गई.

किसानों की चेतावनी: यदि जिला प्रशासन ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो किसान और ग्रामीण चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की होगी.

बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं किसान उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से तारानंद यादव, गुड्डू यादव, शमीम अहमद, गयानंद चौहान, प्रो. इदरीश, नागेंद्र यादव और कुलानंद यादव शामिल रहे.


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विपुल विश्वास

लेखक के बारे में

By विपुल विश्वास

विपुल विश्वास प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिकटी (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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