राघोपुर में गंगा का रौद्र रूप, 2016 की बाढ़ की याद से सहमे लोग; हजारों एकड़ फसल डूबी
चक सिंगार में नाव से निरीक्षण करते सीओ राजीव रंजन चौधरी .
गंगा के बढ़ते जलस्तर से राघोपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 13 स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने राहत के लिए 16 नावों का परिचालन शुरू किया है।
Flood in Raghopur : राघोपुर में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने राघोपुर दियारा में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पिछले कई दिनों से जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण पूरे प्रखंड में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. तेजी से फैल रहे पानी से हजारों एकड़ में लगी मक्का, जनेरा और सब्जियों की फसल डूब गयी है. किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है.
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ग्रामीणों को अब अपने परिवार से ज्यादा मवेशियों की चिंता सता रही है. निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गये हैं. ग्रामीणों में वर्ष 2016 की भीषण बाढ़ जैसी स्थिति दोबारा बनने की आशंका से दहशत है.
बिंदा मार्केट से विश्राम टोला तक घुटनेभर पानी
बाढ़ का सबसे अधिक असर शिवनगर बिंदा मार्केट और जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र में दिख रहा है. बिंदा मार्केट की कई दुकानों में पानी घुस गया है. बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली सड़क पर घुटने से अधिक पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है.
फतेहपुर से खालसा घाट जाने वाली सड़क भी खालसा घाट के पास पानी में डूब गयी है. शिवनगर से विश्राम टोला और रुस्तमपुर से वीरपुर जाने वाली सड़क पर कई जगह पानी चढ़ गया है.
निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पास सड़क कटी
सबसे अधिक परेशानी कच्ची दरगाह-बिदुपुर निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पाया संख्या 29 के पास है. तेज पानी के बहाव के कारण यहां सड़क कट गयी है. पुल के कई पायों के आसपास पानी भरने से आवागमन में परेशानी हो रही है.
चक सिंगार पंचायत के लंका टोला, रामपुर करारी, बरारी, जुड़ावनपुर करारी से चक सिंगार जाने वाली पुलिया के पास और कमल सिंह-शंभू सिंह प्लस टू विद्यालय के पीछे भी पानी भर गया है. चक सिंगार पंचायत के लगभग सभी गांवों में बाढ़ का पानी फैल चुका है.
2016 की बाढ़ याद कर सहमे ग्रामीण
गंगा किनारे बसे नैकीपारी, हैवतपुर, परोहा, जफराबाद, जहांगीरपुर, सरायपुर, तेरसिया, हेम्मतपुर, चक सिंगार, बहरामपुर, रामपुर श्यामचंद, वीरपुर, रामपुर बरारी और शिवनगर लंका टोला समेत कई निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है.
ग्रामीण 2016 की बाढ़ को याद कर अभी से सतर्क हो गये हैं. लोग परिवार के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थान चिन्हित करने में जुटे हैं.
13 स्कूलों में पढ़ाई बंद
बाढ़ के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने राघोपुर प्रखंड के 13 विद्यालयों में तत्काल पठन-पाठन बंद कर दिया है. बीडीओ सीमा कुमारी ने बताया कि इन स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियोजित किया गया है.
बंद किये गये विद्यालयों में यूएमएस शिवनगर लंका टोला, एनपीएस राघोपुर डोम टोली, एनपीएस रामवरन सिंह के टोला, यूएचएस चक सिंगार, एनपीएस रामपुर करारी बरारी एससी टोला, एनपीएस दिवानटोक, जीपीएस दीवान टोक, यूएमएस सरायपुर, जीपीएस पहाड़पुर उत्तर, यूएचएस सरायपुर, यूएमएस असतपुर सिंधी, एनपीएस पहाड़पुर एसटी और एनपीएस यादव टोला सरायपुर शामिल हैं.

16 नावें चल रहीं, एसडीआरएफ भी तैनात
अंचल अधिकारी राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 16 नावों का परिचालन किया जा रहा है. चक सिंगार में छह, हरिजन टोला में दो, वीरपुर में दो, सरायपुर में छह और लंका टोला में दो नावें चलायी जा रही हैं.
इसके अलावा रुस्तमपुर घाट और जमींदारी घाट पर तीन-तीन बड़ी नावों का परिचालन कराया जा रहा है. रुस्तमपुर घाट पर एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गयी हैं. प्रशासन की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
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